गरीब अमलदास मोपका के है करोड़पति आसामी, भोंदूदास अरबपति फिर हाल जेल में : नकल शाखा में और रिकॉर्ड कीपर से जिला पंजीयक सब बेच चुके आत्मसम्मान

भुवन वर्मा बिलासपुर 23 नवम्बर 2022

बिलासपुर: एक चर्चा के दौरान अधिवक्ता प्रकाश सिंह ने अमलदास की फोटो दिखाकर बताया कि इस बुजुर्ग के नाम पर मोपका- चिल्हाटी में करोड़ों की जमीन कूटरचना करके सरकारी रिकार्ड में चढ़ा दी गई है। चर्चा के दौरान प्रकाश ने भोंदूदास का भी जिक्र किया और कहा कि बेचारा अभी 10 महीनों से जेल में है. उन्होंने ने बताया कि इन सभी मामलों की शिकायत मैंने तत्कालीन एसडीएम बिलासपुर से की थी, पर उन्होंने उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और जब मैंने तत्कालीन कलेक्टर से दो बार शिकायत की, तो उन्होंने मेरे दबाव में उन अनुविभागीय अधिकारी को कहा, तो उन्होंने रिकॉर्ड रूम में जाकर के रिकॉर्ड भी देखा था, परंतु उन्हें पूरे रिकॉर्ड में कहीं कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई, अब ये उनकी जहां तक समझ थी, वहां तक उन्होंने समझा या उन्हें किसी और ने जैसा वह चाहता था वैसा समझने के लिए मजबूर किया, अगर वे 2018 – 19 में ही मेरी शिकायत पर कार्रवाई कर लेते तो, आज वह सभी जमीनें जो टुकड़ों में बंट गई और जिन्हें लेकर के एक सामान्य व्यक्ति फंस गया है, उसे परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, परंतु उस तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी ने मेरी सभी बातों को अनसुना कर दिया था और आज सच्चाई सबके सामने है।

अधिवक्ता सिंह ने कहा कि जब एक आरक्षक ने इस दस्तावेज को देखकर बता दिया कि इसे कूटरचना करके बनाया गया है, तो अनुविभागीय अधिकारी को इन दस्तावेज़ों में हुई छेड़छाड़ का नहीं दिखना उन्हें संदेह के दायरे में लाता है.

प्रकाश ने कहा कि वर्तमान में बदमाश किस्म के राजस्व अधिकारी के हौसले बुलंद इसलिए है कि उन पर कड़ी कार्यवाही नहीं होती है. इससे जनता के बीच आक्रोश बढ़ता है और शासन की छवि खराब होना लाजमी है. उन्होंने कहा कि पटवारी से लेकर कलेक्टर तक नकल शाखा में और रिकॉर्ड कीपर से जिला पंजीयक तक सभी लोग अपना जमीर, आत्मसम्मान सब कुछ बेच चुके हैं।

प्रकाश ने अमलदास की फोटो दिखाते हुए कहा कि इस व्यक्ति को ध्यान से देखिए ये बुजुर्ग बदमाश किस्म के राजस्व अधिकारियों की काली करतूतों के कारण जेल गया है.

प्रकाश सिंह ने बताया कि भोंदूदास मामले में जमानत पर रिहा सुरेश मिश्रा ने अमलदास मामले में अपने नाम पर मुख्तियार लिया था और उक्त भूमि को वर्तमान में जेल में बंद कूटरचना के आरोपी हैरी जोसेफ एवं अपने पुत्र विनीत मिश्रा के नाम पर रजिस्ट्री करवा दी थी.

अधिवक्ता प्रकाश सिंह की शिकायत पर पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी ने चार सदस्यी जांच दल का गठन किया, जिसमें तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित कुमार झा, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी शपुलक भट्टाचार्य, तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक स्नेहिल साहू एवं तत्कालीन सरकंडा टीआई परिवेश तिवारी थे। इस संयुक्त जांच दल ने शिकायत की जांच की एवं पंजीयन कार्यालय से लेकर कलेक्टर नकल शाखा तक का अवलोकन किया, जहां पर उन्होंने पाया कि भोंदू दास, अमलदास विश्वकर्मा, जोसेफिन गैब्रियल,निर्मल कांति पाल, धनंजय पाल, पीला बाई , छोटे कुर्रे रामाश्रय एवं अन्य नामों पर अधिवक्ता प्रकाश सिंह के द्वारा की शिकायत सत्य है। इस दल की सिफारिश पर उप निरीक्षक थाना सरकंडा अशोक कुमार दुबे के द्वारा अज्ञात नाम पर अपराध क्रमांक 426/22 पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने विवेचना के दौरान अमल दास विश्वकर्मा को चिरमिरी से गिरफ्तार किया।

प्रकाश से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस हतप्रभ है कि जिस व्यक्ति के नाम पर करोड़ों की भूमि कूटरचना करके सरकारी रिकार्ड में चढ़ाई गई है वह असहाय व निर्धन है, यही हाल भोंदू दास का भी है।

प्रकाश ने कहा कि राजस्व एवं पंजीयन कार्यालय के दस्तावेजों में छेड़छाड़ की जा रही है इन मामलों से उजागर हो गया है. अब देखना होगा कि पंजीयन कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी कब गिरफ्तार होंगे.

मिली जानकारी के अनुसार, अमलदास के नाम पर ग्राम मोपका में खसरा नंबर 754 रकबा 0.87 एकड़ की भूमि भी कूट रचना करके लाई गई है। जिस पर आज वर्तमान में भव्य कालोनी बन चुकी है।

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