केदारनाथ धाम के गर्भगृह में अब दर्शन पूजन कर सकेंगे तीर्थयात्री

भुवन वर्मा बिलासपुर 02 जुलाई 2022

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

केदारनाथ – मानसून सीजन शुरू होने के बाद विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ धाम मंदिर में अब प्रतिदिन आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट के कारण बद्रीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ गर्भगृह में जाने पर लगाये गये प्रतिबंध को हटा दिया है। तीर्थयात्री अब केदारनाथ धाम के गर्भगृह में प्रवेश कर दर्शन – पूजन और जलाभिषेक कर सकेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन से ही तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ने से गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। श्रद्धालु सभा मंडप से ही बाबा केदारनाथ के दर्शन कर रहे थे। लेकिन अब मानसून सीजन के चलते यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कमी को देखते हुये यह प्रतिबंध हटा दिया गया है।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये बद्रीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि मंदिर समिति तीर्थयात्रियों को मंदिरों में सरल – सुगम दर्शन के लिये प्रतिबद्ध है। इस वर्ष मई – जून माह में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर सुरक्षा की दृष्टि से गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन्होंने बताया कि जब मई में केदारनाथ की यात्रा आरंभ हुई थी , उस समय प्रतिदिन औसतन सोलह हजार – सत्रह हजार लोग दर्शन के लिये आते थे , लेकिन अब यह संख्या घटकर दो हजार – तीन हजार तीर्थयात्री रह गई है। अब श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के कारण श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह में जाकर पूजा – अर्चना कर सकेंगे। मंदिर समिति अध्यक्ष ने कहा हर साल 20 जून के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की जाती है , क्योंकि मानसून के दौरान यात्रा मार्गों में बाधा पैदा होती है। इसके अलावा स्कूल और कॉलेज में गर्मी की छुट्टियां समाप्त होना भी संख्या में गिरावट का एक और कारण है। उन्होंने आगे कहा बहरहाल सितंबर-अक्टूबर के दौरान मौसम साफ होने पर तीर्थयात्रियों की संख्या फिर से बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोबारा से भीड़ बढ़ती है तो फिर सभा मंडप से ही दर्शन कराये जायेंगे। उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुये मंदिर में दर्शनों के समय में भी परिवर्तन किया गया है। अब केदारनाथ मंदिर में सुबह चार बजे के स्थान पर पांच बजे से धर्म दर्शन शुरू हो रहे हैं। वहीं अपराह्न तीन बजे से पौने पांच बजे तक भोग-पूजा व सफाई के लिये कपाट बंद किये जा रहे हैं। शाम को श्रृंगार पूजा के बाद रात्रि नौ बजे दोबारा कपाट बंद किये जायेंगे। इसी तरह श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर में भी भगवान बद्रीविशाल की अभिषेक पूजा सुबह पांच बजे से संपन्न हो रही है। मंदिर समिति के अनुसार कपाट खुलने से अब तक केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम में 17 लाख 38 हजार 499 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसमें केदारनाथ धाम 831600 से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किये हैं।

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