मां सतबहनियां दाई मंदिर में नवरात्रि की धूम, भक्तिमय माहौल में हुई माता की आराधना
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन सतबहनियां मंदिर में मां काली मूर्ति की स्थापना कर प्राण प्रतिष्ठा किया गया
धूमधाम से ज्वारा विसर्जन महामाया तलाब सकरी में किया गया
बिलासपुर, मां सतबहनियां महिला सेवा समिति कुदुदण्ड के महिलाओं द्वारा शारदीय नवरात्रि पर्व बड़े धूम-धाम से मनाया| नवरात्रि के प्रथम दिवस मां काली की स्थापना श्री अशोक श्रीवास द्वारा किया गया| पंडित जी द्वारा प्राण प्रतिष्ठा किया गया| नवरात्रि पर्व आरंभ 11 अक्टूबर को मां काली की प्राण प्रतिष्ठा, साथ ही मंदिर में विराजमान जगत जननी दुर्गा मां की और मां सतबहनियां दाई की श्रृंगार कर पूजा अर्चना कर नवरात्रि पर्व आरंभ किये| पहला दिन विधिपूर्वक पूजन कर मां दुर्गा, मां काली और सतबहनियां दाई की श्रृंगार कर सभी समिति के सभी सदस्यों ने किये| मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश पं. बद्री प्रसाद मिश्रा द्वारा प्रज्वलित करवा गया और फिर ज्वारा बोवाई सभी सदस्यों के करवा गया|

प्रतिदिन मंदिर में सुबह शाम विधि विधान से पूजा पाठ पंडित बद्री प्रसाद मिश्रा जी द्वारा करवाया गया| साथ ही प्रतिदिन मंदिर में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता यहा| महिला समिति द्वारा भजन कीर्तन और जसगीत का आयोजन रोज मां के दरबार में किया जाता रहा| षष्ठी के दिन मंदिर में गारबा, नृत्य का आयोजन किया गया था| पंचमी, सप्तमी और अष्टमी पर्व विशेष रहा जिसमें लोग मां के दरबार में दूर दूर से दर्शन करने पहुंचे| पूरा मोहल्ला भक्ति मय वातावरण में डूबा रहा| मंदिर में मनोकामनाएं ज्योति का कलश प्रज्जवलित किया गया था बाहर बाहर लोग यहां अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने और कुछ लोग सफल पूरक काम होने पर यहां आकर मनोकामनाएं ज्योति कलश प्रज्जवलित करवाये थे| मां की कृपा हमेशा सभी पर बनी रहे|
दुर्गा अष्टमी पर्व पर शाम 5 बजे हवन कार्यक्रम में सभी समिति और मोहल्ले वाले भाग लिए| समिति के महिलाओं ने सुबह से ही तैयारी में लगे रहे| मां सतबहनियां दाई और मंदिर प्रांगण में विराजमान जगत जननी मां दुर्गा जी का श्रृंगार किया गया| उसके बाद विधि-विधान से पूजा-पाठ किया गया| मां को अठवाई और 56 भोग लगाया गया| पूजा-पाठ करने के बाद हवन कार्य किया है|
हवन का कार्य किया गया| नवमीं के दिन मंदिर प्रांगण में कन्या भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें मां दुर्गा रूप में छोटे छोटे बच्चों ने भाग लिए| सभी बच्चों को समिति के तरफ से और अपने तरफ कुछ गिफ्ट और नगद राशि दे दुर्गा स्वरूप बच्चों से आर्शीवाद लिए| सभी सदस्यों ने भोग प्रसाद का आनंद लिए| उसके बाद शाम को मंदिर में ज्वारा विसर्जन का कार्यक्रम किया| मंदिर प्रांगण में पूजा-अर्चना कर ज्वारा विसर्जन समिति और मोहल्ले वालों के सहयोग से धूमधाम से ज्वारा निकाला गया| मंदिर से निकलकर कुदुदण्ड चांदनी चौक, शिव मंदिर होते हुए सेफर स्कूल तक सभी लोग जयकारा लगाते हुए ले गए| सभी लोग बहुत उत्साहित नजर आये| पूरा कुदुदण्ड भक्ति मय वातावरण में डूब गया था |पं बद्री प्रसाद मिश्रा जी द्वारा सुबह-शाम विधि विधान से पूजा पाठ किया गया| पंडित जी द्वारा प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ मंदिर प्रांगण में किया गया| हमारे पंडा जी भोगी राम यादव और राधे मरावी थे| मंदिर में प्रज्ज्वलित मनोकामनाएं ज्योति कलश का देख रेख किया है| माईक संचालक ईश्वर सोनी थे | रोज मोहल्ले और आसपास के लोग दर्शन करने के लिए पहुंच रहे थे| प्रति दिन सभी सदस्यों के द्वारा भोग प्रसाद लगाया जा रहा था| सभी मोहल्ले वाले कन्या भोज के लिए सहयोग भी किया| पूरे मोहल्ले में भक्ति मय वातावरण था| दोपहर में महिला द्वारा भजन-कीर्तन किया जा रहा था | रात में प्रति दिन जस गीत का आयोजन किया गया था दूर दूर से जस गीत मंडली मां के दरबार में सेवा करने पहुंच रहे थे|
ज्वारा विसर्जन के लिए जब गीत की मंडली नरगोड़ा से बुलाया गया था जिसे सभी लोगों ने बहुत तारीफ किए|
इस आयोजन में महिला समिति और मोहल्ले के लोग बढ़ चढ़ हिस्सा लिया|
समिति के सदस्यों में जमुना सोनी, सुशीला सोनी, सरिता वासिंग, सहोदया सोनी, किशोरी वासिंग, सुभ्रा वासिंग, श्यामा उपाध्याय, इंद्राणी गहलोत, आशा दुबे, रिता वासिंग, गंगोत्री निर्मलकर, माधवी मानिकपुरी, काजल कश्यप, शिवानी कश्यप, सुषमा मराठा, सीमा चौहान, रमा तिवारी, राजकुमारी कश्यप, अन्नपूर्णा कश्यप, सीता कश्यप, शिव कुमारी पाठक, रानी सोनी, सुनीता सोनी, सुनीता वासिंग, सीता कश्यप, इंद्राणी सोनी, करूणा सोनी, रूखमणी तिवारी, सरला मानिकपुरी , सहुरमती यादव, सुनीता वासिंग एवं मोहल्ले के लोग विसर्जन में भाग लिए| पवन सोनी, ईश्वर सोनी, भोगीराम यादव , बद्री प्रसाद मिश्रा, सुरित राम कश्यप, राधे मरावी, संदीप चौहान एवं समस्त मोहल्ले वाले की उपस्थिति में ज्वारा विसर्जन महामाया तलाब सकरी में विधि विधान से किया गया |
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