‘हार से सीखें, जीत का अहंकार न करें’- मंत्री टंक राम वर्मा
सारंगढ़, 4 अक्टूबर 2026: सारंगढ़ के खेलभांठा मैदान में रविवार को खेल, उत्साह और राज्य स्तरीय खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026 के भव्य शुभारंभ के मौके पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को दो बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने जिले में सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड और डाइट (DIET) कॉलेज खोलने की ऐतिहासिक घोषणा की।
इस अवसर पर जिले के प्रभारी और राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने खिलाड़ियों में जोश भरते हुए हार-जीत से जुड़ा अहम मंत्र दिया।
मुख्य आकर्षण (Highlights):
बड़ी घोषणाएं: सारंगढ़ में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक और डाइट कॉलेज।
प्रस्तावित कार्य: नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन।
खेल का महाकुंभ: 5 संभागों के 330 खिलाड़ी दिखा रहे हैं अपना दम।
आधुनिक शिक्षा: जिले में 11वीं-12वीं के छात्रों के लिए शुरू होगी NEET की कोचिंग और एआई (AI) क्लासेस।
‘हार से सीखें, जीत का अहंकार न करें’
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा, “खेलोगे तो जीतोगे, खेलोगे तो हारोगे, लेकिन नहीं खेलोगे तो केवल दर्शक बनकर रह जाओगे।” उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को हार से हमेशा सीख लेनी चाहिए और विजेता बनने पर कभी अहंकार नहीं करना चाहिए। जीवन में सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिन परिस्थितियों में भी कोशिश करना नहीं छोड़ते, क्योंकि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
सारंगढ़ को मिली शिक्षा और खेल की सौगातें
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और बौद्धिक क्षमता को निखारता है। छत्तीसगढ़ की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता हमारी ताकत है और खेल इसे एकता के सूत्र में पिरोता है।
उन्होंने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकास के लिए सिंथेटिक ट्रैक और डाइट कॉलेज की घोषणा की। साथ ही बताया कि राज्य सरकार स्कूल अधोसंरचना को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और जिले में नवोदय व केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया जारी है।
4 दिवसीय खेल महाकुंभ: 5 संभाग, 330 खिलाड़ी और रोमांचक मुकाबले
4 से 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ में प्रदेश के पाँचों संभागों— बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा के कुल 330 बाल-खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन के पहले दिन इन खेलों की शानदार शुरुआत हुई:
फुटबॉल: बालक (14 वर्ष)
सॉफ्टबॉल: बालक एवं बालिका (17 वर्ष)
क्रिकेट: बालिका (17 वर्ष)
आधुनिक शिक्षा और तकनीक पर जोर
कलेक्टर ने अपने स्वागत भाषण में खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में जिले का बोर्ड परीक्षा परिणाम शानदार रहा है और तीन विद्यार्थियों ने स्टेट टॉप-10 में जगह बनाई है। अब जिले में कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए नीट (NEET) की विशेष कोचिंग शुरू की जा रही है। साथ ही बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कक्षाएं, रोबोटिक्स लैब्स और अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना भी की जा रही है।
इस गरिमामय उद्घाटन समारोह में सारंगढ़ विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, सांसद राधेश्याम राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद रहे।
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