बुजुर्गों के सम्मान से लेकर सहारे तक: मेगा स्वास्थ्य शिविर में बांटे गए 100 श्रवण यंत्र और 150 वॉकिंग स्टिक
रायपुर, 4 अक्टूबर 2026।मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सेवा की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। पोड़ी चिरमिरी के मंगल भवन में आयोजित दो दिवसीय मेगा स्वास्थ्य शिविर में न केवल वृद्धजनों का शॉल और माला पहनाकर सम्मान किया गया, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य जांच, इलाज और जरूरी सहायक उपकरण भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए गए।
मुख्य आकर्षण (Highlights):
भव्य सम्मान: अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुजुर्गों को शॉल-माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
उपकरण वितरण: जरूरतमंदों को 100 श्रवण यंत्र, 150 वॉकिंग स्टिक और व्हीलचेयर बांटे गए।
स्वास्थ्य जांच: 450 से अधिक लोगों की आंखों की जांच हुई; जांच के आधार पर चश्मे भी दिए जाएंगे।
संयुक्त पहल: स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग ने मिलकर की जांच और इलाज की व्यवस्था।
एक ही छत के नीचे जांच, परामर्श और उपकरण
उम्र के उस पड़ाव पर जहां सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, वहां प्रशासन की यह पहल बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत बनकर आई। 30 सितंबर से शुरू हुए इस मेगा शिविर में स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। पात्रता और मेडिकल चेकअप के आधार पर बुजुर्गों को तुरंत श्रवण यंत्र (Hearing Aids), वॉकिंग स्टिक और व्हीलचेयर जैसे उपकरण दिए गए। आंखों की जांच के बाद जरूरतमंदों को जल्द ही चश्मे भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें दैनिक गतिविधियों और चलने-फिरने में सहूलियत हो सके।
“बुजुर्गों का सम्मान निरंतर जिम्मेदारी है”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महापौर रामनरेश राय ने समाज को एक कड़ा और अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा, “बुजुर्गों का सम्मान केवल एक दिन का आयोजन नहीं होना चाहिए, यह परिवार और समाज की निरंतर जिम्मेदारी है।” महापौर ने विभागों की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए परिवारों से अपील की कि वे बुजुर्गों की देखभाल और जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनें।
स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था पर फोकस
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि शिविर में बीमारियों की पहचान के साथ-साथ यह भी आंका जा रहा है कि किसे किस सहायक उपकरण की जरूरत है। आवश्यकता पड़ने पर आगे के उपचार और रेफरल की व्यवस्था भी की जा रही है।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती ने ‘राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम’ की जानकारी देते हुए कहा कि 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।
समाज कल्याण विभाग की अंजना बेक ने बताया कि उनका फोकस बुजुर्गों के दैनिक जीवन को सुगम और आत्मनिर्भर बनाने पर है, जिसके लिए वृद्धाश्रम संबंधी व्यवस्थाओं और पात्र लोगों को उपकरण देने की प्रक्रिया तेज की गई है।
इस गरिमापूर्ण आयोजन में सभापति संतोष सिंह, डॉ. स्वप्निल तिवारी, डॉ. जमुना प्रसाद आर्य, राजकुमार राजवाड़े, अवनीश पांडेय, सुषमा पांडेय, किरण पांडेय सहित स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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