एशियन गेम्स 2026 समापन: ध्वजवाहक नीरू धांडा ने किया भारत का नेतृत्व, 85 पदकों के साथ अभियान का शानदार अंत
जापान।आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स का रविवार को रंगारंग समापन हो गया। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुए समापन समारोह में इतिहास रचने वाली ट्रैप शूटर नीरू धांडा ने भारतीय दल की अगुवाई की। 85 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहकर भारत ने इन खेलों को शानदार तरीके से अलविदा कहा।
मुख्य आकर्षण:
भारत का दबदबा: भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीते और मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया।
टॉप परफॉर्मर्स: एथलेटिक्स में भारत को सबसे ज्यादा 24 पदक मिले। इसके बाद निशानेबाजी में 15 और तीरंदाजी में पांच स्वर्ण सहित कई पदक आए। भारत ने कुल 21 खेलों में पोडियम फिनिश किया।
तीन मेडल वाले सितारे: नीरू धांडा, तीरंदाज कुमकुम मोहोद, लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह और क्वार्टर-माइलर विथ्या रामराज इन खेलों में तीन-तीन पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट रहे।
अगला पड़ाव: एशियन गेम्स 2030 की मेजबानी कतर की राजधानी दोहा करेगा।
नीरू धांडा का ऐतिहासिक सफर
27 वर्षीय नीरू धांडा के लिए यह एशियन गेम्स बेहद खास रहा। वह एशियन गेम्स में ट्रैप शूटिंग में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। यह 1978 के बाद ट्रैप इवेंट में भारत का पहला स्वर्ण भी था।
नीरू ने अपने पहले ही एशियन गेम्स में दो स्वर्ण और एक रजत सहित तीन पदक अपने नाम किए। व्यक्तिगत स्वर्ण के अलावा, उन्होंने आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ महिला टीम इवेंट में रजत और कायन चेनाई के साथ मिक्स्ड टीम ट्रैप में गोल्ड मेडल जीता। भारतीय निशानेबाजों ने कुल 15 पदक (तीन गोल्ड, आठ सिल्वर, चार ब्रॉन्ज़) के साथ अपना अभियान खत्म किया।
अपने प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए नीरू ने कहा, “यह वाकई एक खास अनुभव रहा। वूमेंस ट्रैप इवेंट में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक था। अपने पहले ही एशियन गेम्स से रिकॉर्ड के साथ दो गोल्ड और एक सिल्वर लेकर लौटना सचमुच बहुत खास है। इससे बेहतर की मैं उम्मीद भी नहीं कर सकती थी।”
रंगारंग समापन और ‘वन एशिया’ का संदेश
‘वन एशिया’ की थीम पर आधारित समापन समारोह में लेजर डिस्प्ले और पार्कोर परफॉर्मर्स ने दर्शकों का मन मोह लिया। नीरू धांडा ने गर्व से तिरंगा थामकर ‘परेड ऑफ नेशंस’ में भारतीय दल का नेतृत्व किया। एथलीटों ने जब आइची-नागोया 2026 में अपनी अंतिम उपस्थिति दर्ज कराई, तो वॉलंटियर्स भी उनके साथ जश्न में झूमते नजर आए।
2030 में दोहा करेगा मेजबानी
हैंडओवर सेरेमनी के दौरान, 1951 के पहले नई दिल्ली एशियाई खेलों की मशाल और झंडे को स्टेडियम में परेड के जरिए लाकर कतर के प्रतिनिधिमंडल को सौंपा गया। ओलंपिक और तीन बार के वर्ल्ड हाई जंप चैंपियन मुताज बरशिम ने ओसीए (OCA) का झंडा स्वीकार किया। दोहा 24 साल बाद, 2006 के बाद दूसरी बार, एशियन गेम्स की मेजबानी करने के लिए तैयार है।
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