कृषि महाविद्यालय बिलासपुर में तिरंगा रैली, राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा परिसर
एनसीसी एवं एनएसएस इकाई की पहल पर निकली भव्य तिरंगा रैली, भारत माता के जयघोष से गूंजा परिसर
बिलासपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। रैली का आयोजन महाविद्यालय की एनसीसी एवं एनएसएस इकाई की पहल पर किया गया।
हाथों में तिरंगा थामे छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं श्रमिक साथियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे महाविद्यालय परिसर को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। रैली के दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारों से वातावरण गूंज उठा। तिरंगे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते प्रतिभागियों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।
अनुशासन और देशभक्ति का अद्भुत संगम
रैली में ध्वजवाहक के रूप में राज प्रताप सिंह भदोरिया एवं गर्वित जैन ने तिरंगे को गौरवपूर्वक आगे बढ़ाया। एनसीसी के अनुशासन और एनएसएस की सेवा भावना का सुंदर समन्वय रैली में देखने को मिला। विद्यार्थियों ने उत्साह एवं अनुशासन के साथ सहभागिता करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को स्मरण किया।
महाविद्यालय परिवार ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, वैज्ञानिक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं तथा श्रमिक भाइयों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम का संदेश दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एनसीसी प्रभारी विनोद कुमार निर्मलकर तथा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों इकाइयों के समन्वित प्रयासों से रैली में विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई।
तिरंगा बना एकता और गौरव का प्रतीक
रैली के दौरान तिरंगा केवल हाथों में लहराता ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, विविधता, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया। कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने का दिन है, जिनके त्याग से देश को स्वतंत्रता मिली। ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियान नागरिकों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय भावना को और मजबूत करते हैं।
तिरंगा रैली ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और श्रमिकों को एक सूत्र में बांधते हुए ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को सशक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान है तथा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने में अपना योगदान दे।
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