पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म जयंती पर विशेष:भारतीय राजनीति के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्य
बिलासपुर । पंडित दीनदयाल उपाध्याय का 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के नगला चंद्रभान गांव में हुआ था।परिचय: वे भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रख्यात विचारक और एक महान राजनेता थे।विचारधारा: उन्होंने देश को ‘एकात्म मानववाद’ (Integral Humanism) का दर्शन दिया।अंत्योदय का विचार: उनका मानना था कि समाज के अंतिम पायदान पर या आखिरी पंक्ति में खड़े सबसे गरीब व्यक्ति का विकास होना चाहिए। राष्ट्र निर्माण का आधार यही ‘अंत्योदय’ है।निधन: 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय (वर्तमान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) के पास उनका निधन हो गया था।
भारतीय राजनीति के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्य,,,,,,,,
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मृत्यु 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय रेलवे स्टेशन के पास संदेहास्पद परिस्थितियों में ट्रेन से गिरकर हुई थी।
घटना का विवरण…..
10 फरवरी 1968 की रात भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय लखनऊ से पटना जाने के लिए ट्रेन में सवार हुए थे।
बनारस से करीब 18 किलोमीटर दूर मुगलसराय स्टेशन पर ट्रेन रुकी थी, जिसके बाद वह अपनी बोगी में नहीं मिले।
ट्रेन के चलने के लगभग 10 मिनट बाद प्लेटफार्म से करीब 100 मीटर दूर रेलवे ट्रैक के किनारे उनका शव बरामद हुआ।
उनके सिर पर चोट थी, टखना टूटा हुआ था, बांह पर खून के निशान थे और मुट्ठी में 5 रुपये का नोट था।
जांच और निष्कर्ष…….
सीबीआई और न्यायिक आयोग: CBI और बाद में न्यायमूर्ति वाई.वी. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में गठित आयोग की जांच में यह निष्कर्ष निकला कि लूटपाट के इरादे से दो मामूली चोरों (भारत लाल और राम अवध) ने उन्हें ट्रेन से धक्का दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि सबूतों के अभाव में आरोपी अदालत से बरी हो गए थे।
राजनीतिक विवाद और साजिश के दावे:……
The Print और Jansatta की रिपोर्टों के अनुसार, जनसंघ के कुछ नेताओं जैसे बलराज मधोक ने इसे लूटपाट की घटनाभारतीय राजनीति के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्यमानने से इंकार किया और इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश व जहरीली सुई देकर की गई हत्या बताया।
यह घटना आज भी भारतीय राजनीति के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्यों में गिनी जाती है।
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