विकसीत भारत के निर्माण में प्रशिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण – पूर्व राज्यपाल बैस: अनुराग श्रीवास्तव द्वारा लिखित पुस्तक “ट्रेनिंग ट्रेनर्स टू ट्रांसफॉर्म” का विमोचन

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रायपुर- स्थित वृंदावन हॉल में गुड़ी चउरा सांस्कृतिक व साहित्यिक संस्थान द्वारा पुस्तक “ट्रेनिंग ट्रेनर्स टू ट्रांसफॉर्म” का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन सामाजिक कार्य, शिक्षा, जनस्वास्थ्य, प्रशासन एवं विकास क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रशिक्षकों, विद्यार्थियों तथा विकास क्षेत्र के प्रैक्टिशनरों की उल्लेखनीय उपस्थिति के कारण ज्ञान, अनुभव एवं सामाजिक सरोकारों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे महामहिम रमेश बैंस, पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र, झारखंड और त्रिपुरा तथा सात बार रायपुर से लोकसभा सदस्य के मुख्य अभ्यागत में सोनमणी बोरा, प्रमुख सचिव – आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, विशिष्ट अभ्यागत के रूप में श्रीमती हर्षिता पाण्डेय, भूतपूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग, डॉ. जीतेन्द्र सिंगरौल, संचालक – छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई, प्रतीक खरे, सचिव-छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग तथा पवन गुप्ता, संयुक्त संचालक जनसंपर्क विभाग की गरिमामयी उपस्थिति में समन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरूवात में पुस्तक के लेखक अनुराग कुमार श्रीवास्तव ने अपने 25 वर्षों के अनुभवों को पुस्तक में साझा किया है। इसमें प्रशिक्षण की प्रभावी पद्धतियों, सामुदायिक सहभागिता, नेतृत्व विकास, व्यवहार परिवर्तन तथा जमीनी स्तर पर कार्य करने के व्यावहारिक अनुभवों का विस्तृत वर्णन है। लेखक ने बताया कि यह पुस्तक विशेष रूप से प्रशिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विकास क्षेत्र के कर्मियों एवं विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।

भूतपूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग श्रीमती हर्षिता पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता, संवाद और सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने लेखक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक प्रशिक्षण एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व सांसद महामहिम रमेश बैंस ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में प्रशिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशिक्षण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है।समारोह में प्रमुख सचिव आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग सोनमणि बोरा, पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग श्रीमती हर्षिता पाण्डेय, छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई के संचालक डॉ. जीतेन्द्र सिंगरौल, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग के सचिव प्रतीक खरे तथा जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक पवन गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पुस्तक की विषयवस्तु एवं सामाजिक उपयोगिता की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में प्रभावी प्रशिक्षण एवं मानवीय दृष्टिकोण आधारित नेतृत्व की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है और यह पुस्तक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। लोकार्पण समारोह में अतिथियों ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया और लेखक को शुभकामनाएँ दीं।

पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन सरवत नक़वी ने किया। उनकी प्रभावशाली एंकरिंग एवं सहज प्रस्तुति ने कार्यक्रम को जीवंत और आकर्षक बना दिया। कार्यक्रम के अंत में गुड़ी चउरा सांस्कृतिक व साहित्यिक संस्था के अध्यक्ष चंद्रशेखर चकोर के द्वारा आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

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