देवभोग में लेखापाल से मारपीट मामले में गरमाया माहौल, कुर्मी समाज ने एसपी को ज्ञापन देकर की कड़ी कार्रवाई की मांग

0
WhatsApp Image 2026-05-11 at 20.05.32

गरियाबंद :- नगर पंचायत देवभोग में लेखापाल संदीप चंद्राकर के साथ हुई मारपीट की घटना अब गरमाया गया है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर कुर्मी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई हेतु गृह मंत्री विजय शर्मा और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के नाम ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से बागबाहरा से पहुंचे वरिष्ठ पदाधिकारी नरेश चंद्राकर,छग प्रदेश कुर्मी क्षत्रिय समाज जिला गरियाबंद के जिलाध्यक्ष पुरंदर वर्मा,युवा अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर,प्रवीण चंद्राकर, लोकेश्वर चंद्राकर, नेमीचंद चंद्राकर, लोकेश चंद्राकर, प्रखर चंद्राकर, सूरज चंद्राकर, आरिन चंद्राकर,गणेश चंद्राकर, गोविंदा चंद्राकर, अंकुश चंद्राकर, बंशी चंद्राकर,सर्वेश चंद्राकर, अनिल चंद्राकर, मनीष चंद्राकर, देवेंद्र चंद्राकर आदि शामिल रहे। समाज का आरोप है कि शासकीय कार्य के दौरान दफ्तर में घुसकर मारपीट करना कानून का उल्लंघन है और एक कर्मचारी के सम्मान पर भी हमला है। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को देवभोग नगर पंचायत कार्यालय में लेखापाल संदीप चंद्राकर और सब इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक के बीच किसी विषय को लेकर विवाद हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह अप्रिय घटना मुख्य नगरपालिका अधिकारी की उपस्थिति में उनके केबिन में हुई। आरोप है कि विवाद के दौरान सब इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक ने आपा खो दिया और बाहर से अपने कुछ साथियों को बुलाकर लेखापाल संदीप चंद्राकर के साथ जमकर मारपीट की। कार्यालय के भीतर हुई इस गुंडागर्दी से कर्मचारी जगत और कुर्मी समाज में भारी रोष व्याप्त है।

कुर्मी समाज ने खोला मोर्चा
घटना के विरोध में कुर्मी समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में समाज ने कहा कि मारपीट में शामिल सब इंजीनियर और उनके बाहरी साथियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए। शासकीय परिसर में घुसकर मारपीट करने वाले असामाजिक तत्वों पर ऐसी धाराएं लगाई जाएं जो भविष्य के लिए नजीर बनें।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही इस मामले में संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर उचित कानूनी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। कुर्मी समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि शासकीय कार्यालय में इस तरह की हिंसक घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। हम चाहते हैं कि संदीप चंद्राकर को न्याय मिले और हमलावरों को उनके किए की सजा दी जाए।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *