प्राचीन पांडुलिपियों का होगा सर्वे, अब हर विरासत का होगा व्यवस्थित दस्तावेजीकरण – कलेक्टर की अध्यक्षता जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 15 अप्रैल 2026/ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण योजना के तहत जिले में प्राचीन पांडुलिपियों के सर्वेक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जाना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को केवल खोज तक सीमित न रखकर उन्हें व्यवस्थित रूप से डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन के रूप में सुरक्षित करना है। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल गौतम को समिति के नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सर्वेक्षण कार्य को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिवों और शहरी क्षेत्रों में वार्डो में सर्वेयर की नियुक्ति करने हेतु कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए। सर्वेयर की नियुक्ति उपरांत उनको प्रशिक्षण दिया जाएगा और 15 जून तक सभी पांडुलिपियों को दस्तावेज के रूप में मोबाइल एप में अपलोड की जाएगी।
यह सर्वे ज्ञान भारतम् मोबाइल एप के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक पांडुलिपि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि सर्वे में प्राप्त हर पांडुलिपि को केवल सूचीबद्ध ही नहीं किया जाए, बल्कि उसे विस्तृत दस्तावेज के रूप में संरक्षित किया जाए। जिसमें उसकी स्थिति, भाषा, विषय, कालखंड और महत्व जैसी जानकारियाँ शामिल हों। सर्वे के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, पुस्तकालयों, मंदिरों, आश्रमों, गुरुकुलों तथा निजी संग्रहकर्ताओं से संपर्क कर दुर्लभ पांडुलिपियों का चिन्हांकन और सूचीकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके पास किसी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपि या दस्तावेज उपलब्ध हों, तो वे इस सर्वेक्षण में सहयोग करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग गोपेश मनहर, प्राचार्य शासकीय भंवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय के सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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