आशीर्वाद नेत्र चिकित्सालय में छत्तीसगढ़ का प्रथम एडवांस रेटिना मशीन से ऑपरेशन की सुविधा
बिलासपुर – आशीर्वाद लेजर फेको नेत्र चिकित्सालय के डायरेक्टर वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ एल सी मढरिया ने बताया कि उनके नेत्र चिकित्सालय में रेटिना के ऑपरेशन के लिए एडवांस कांस्टेलेशन एल व्हिट्रैक्टोमी जो एल्कॉन अमेरिकन कंपनी का मशीन जो छत्तीसगढ़ व संभाग की प्रथम मशीन से ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। नेत्र विशेषज्ञ व व्हिटरो रेटिना व आर ओ पी नवजात शिशु रेटिना विशेषज्ञ डॉ ऐश्वर्य मढरिया जिन्होंने एल वी पी आई हैदराबाद से रेटिना सर्जरी की विशिष्ट ट्रेनिंग व फैलोशिप लेकर आए हैं ने बताया कि एडवांस कांस्टेलेशन एल व्हिटरेक्टोमी मशीन से रेटिना के ऑपरेशन, डायबिटीज से होने वाले अंधत्व जिसमें व्हिटरस हेमरेज आंख में खून जम जाता है का ऑपरेशन, व नवजात शिशु के रेटिना का जांच व लेज़र इलाज कर रहे हैं यह मशीन छत्तीसगढ़ की प्रथम मशीन है अतः जो मरीजो को रेटिना के इलाज के लिए हैदराबाद ,चेन्नई ,दिल्ली जाना पड़ता था वह सुविधा हमारे आशीर्वाद अस्पताल में उपलब्ध है।
यह मशीन से रेटिना के एडवांस ऑपरेशन पूरी क्षमता के साथ होता है यह आंख के प्रेशर को सामान्य रखता है जिससे ऑपरेशन के समय कोई समस्या नहीं होती है रेटिना ऑपरेशन जल्दी वह सटीक होता है इस मशीन से ऑपरेशन में नहीं के बराबर दर्द होता है और रिकवरी फास्ट होती है इसकी लेजर टेक्नोलॉजी अत्यधिक एडवांस है जिससे रेटिना में होने वाले रक्त स्त्राव को तुरंत कंट्रोल कर देता है इस मशीने की कटिंग क्षमता 20,000 कट पर मिनट है जो अन्य मशीन की तुलना से कई गुना ज्यादा है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए वरदान
हमारे छत्तीसगढ़ में डायबिटीज के मरीज की संख्या बहुत बढ़ गई है यह हाल पूरे देश में है हमारा देश डायबिटीज कैपिटल बन गया है लगभग 6 से 7 करोड लोग इससे पीड़ित है डायबिटीज के कारण आंख की नसें फट जाती है और खून आ जाने के कारण रोशनी चली जाती है ऐसे मरीजों को तुरंत ऑपरेशन इस एडवांस मशीन से करने से उनकी रोशनी वापस आ जाती है इसलिए डायबिटीजके मरीजों को छ माह में पर्दे का जांच अवश्य कराना चाहिए जिससे अंधत्व से बच सकते है।
गांव के मरीज जिनकी डायबिटीज के कारण नजर चली जाती है और अज्ञानता के कारण देरी से रेटिना जांच के लिए आते हैं और रेटिना में खून आ जाने के कारण पर्दा भी सरक जाता है जैसे जटिल मरीजों के ऑपरेशन के लिए यह मशीन अन्य मशीनों के तुलना में ज्यादा कारगर है और सत प्रतिशत सफलता मिलता है छत्तीसगढ़ के मरीजों को अब दूसरे मेट्रो शहर में रेटिना के इलाज के लिए जाने की आवश्यकता नहीं है चोट लगने के कारण रेटिना खराब हो जाता है और रेटिना डिटेच हो जाता है उनका तुरंत इमरजेंसी रेटिना ऑपरेशन करके रोशनी बचाई जा सकती है
आर ओ पी नवजात शिशु जिनका जन्म 36 सप्ताह से कम या 2000 ग्राम से कम वजन के बच्चों के रेटिना में कमजोरी आ जाती है और बच्चे अंधत्व के शिकार हो जाते हैं ऐसे बच्चों का नेत्र परीक्षण जन्म के समय व तीन से चार सप्ताह बाद फॉलोअप करना चाहिए आर ओ पी के मरीज के जांच व लेजर हमारे हॉस्पिटल में किया जाता है, अब हमारे नेत्र चिकित्सालय में कॉम्प्लेक्स रेटिना डिटैचमेंट, डायबिटीज विटरेक्टोमी, मैक्यूलर होल सर्जरी, बच्चों के आर ओ पी व न्यूक्लियस ड्रॉप का एडवांस्ड इलाज हो रहा है हमारे आशीर्वाद नेत्र चिकित्सालय का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के किसी मरीज की रोशनी रेटिना डिटैचमेंट, डायबिटीज हेमरेज से ना जावे उनकी रोशनी एडवांस रेटिना सर्जरी के द्वारा बचाई जा सकती है।
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