जिले के स्मार्ट उद्यानिकी कृषकों ने किया विचार मंथन

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उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली में प्रगतिशील एवं नवाचार कृषकों का सम्मेलन हुआ संपन्न

सिलफिली/महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग के अंतर्गत संचालित उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली, जिला–सूरजपुर में दिनांक 19/02/2026 को एक दिवसीय प्रगतिशील/नवाचारी किसानों का सम्मेलन सह कार्यशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, सेवा निवृत्त जनरल मैनेजर (कोल माइंस) एवं प्रगतिशील कृषक थे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. रविन्द्र तिग्गा के द्वारा की गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सहायक संचालक उद्यान, सूरजपुर जे. मरावी, इफको के जनरल मैनेज सुधीर सक्सेना तथा के.बी. बायो ऑर्गेनिक्स प्रा. लि. के क्षेत्रीय मैनेजर वसीम खान उपस्थित रहे।

उक्त कार्यक्रम में सूरजपुर जिले के कुल 25 प्रगतिशील एवं नवाचारी कृषकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जिनके द्वारा ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, वीएनआर अमरूद, रसभरी, ब्रोकली, सब्जी एवं गेंदें की खेती के साथ साथ समन्वित खेती एवं बहुमंजिली खेती में नारियल, सुपारी, अनानास, कालीमिर्च, कॉफी, अदरक, हल्दी इत्यादि उच्च तकनीक के साथ-साथ प्रमुखता से की जा रही है। कार्यक्रम में सर्वप्रथम महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. रविन्द्र तिग्गा ने उपस्थित अतिथियों एवं कृषकों का स्वागत करते हुए अपने उद्बोधन में महाविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं तकनीकी प्रचार प्रसार गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने हेतु कृषकों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया तथा छात्र-छात्राओं द्वारा प्रायोगिक शिक्षा के अंतर्गत किए जा रहे कृषकों के प्रक्षेत्र भ्रमण की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने उद्यानिकी फसलों में उपलब्ध संसाधनों के उत्तम प्रबंधन एवं पर्यावरण अनुकूल स्मार्ट बागवानी को अपनाने के विभिन्न उपाय सुझाए। उन्होंने उत्पादन लागत में कमी लाकर प्रत्येक किसान की आय दोगुनी करने हेतु प्रभावी सुझाव दिए तथा इस प्रकार के सम्मेलन समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे कृषकों को अपनी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक साझा मंच प्राप्त हो सके। सहायक संचालक उद्यान जे. मरावी ने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए जिले के कृषकों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने में उपस्थित प्रगतिशील कृषकों की सहभागिता सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। इफको के जनरल मैनेजर सुधीर सक्सेना ने उद्यानिकी फसलों में संतुलित पोषक तत्वों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जैविक खादों के साथ-साथ मुख्य, सहायक एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी। साथ ही रसायनों के उपयोग के उचित समय एवं विधि के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। के.बी. बायो ऑर्गेनिक्स प्रा. लि. के क्षेत्रीय मैनेजर वसीम खान ने उद्यानिकी फसलों में रसायन मुक्त खेती हेतु बायो-ऑर्गेनिक एवं वनस्पति आधारित कीटनाशकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा मृदा उर्वरता एवं पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने हेतु विभिन्न उत्पादों के बारे में सुझाव दिया।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कैलेंडर की उपयोगिता की जानकारी डॉ. शुभी सिंह (कृषि अर्थशास्त्र) द्वारा प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रतिभागी कृषक मोबाइल एप के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर प्रत्येक माह विभिन्न फल, फूल, सब्जी, मसालों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।साथ ही प्रगतिशील कृषक विद्यासागर जी ने अपने प्रक्षेत्र में उत्पादित स्ट्रॉबेरी की खेती से संबंधित तकनीकी जानकारी उपस्थित कृषकों के साथ साझा की। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राहुल कुमार गुप्ता (सस्य विज्ञान) द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. ममता पैंकरा (कीट विज्ञान), महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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