छत्तीसगढ़ में खुशहाली के लिए मुख्यमंत्री भूपेश ने सही सोटे की मार: ग्रामीण संस्कृति के पर्व हमारी कृषि को बढ़ाते हैं, परंपराएं निभाता रहूंगा – भूपेश बघेल

0

छत्तीसगढ़ में खुशहाली के लिएमुख्यमंत्री भूपेश ने सही सोटे की मार: ग्रामीण संस्कृति के पर्व हमारी कृषि को बढ़ाते हैं, परंपराएं निभाता रहूंगा – भूपेश बधेल

भुवन वर्मा बिलासपुर 5 नवंबर 2021

रायपुर । छत्तीसगढ़ में मंगलकामना और शुभ के साथ ही विघ्न के नाश के लिए कुश से बने सोटे का प्रहार करवाने की वर्षों पुरानी परंपरा है। इसी परंपरा को निभाने राज्य की खुशहाली और मंगल कामना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने हाथों में कुश के सोटे पड़वाए। मंगल कामना और शुभ के साथ ही विघ्न के नाश के लिए कुश से बने सोटे का प्रहार करवाने की वर्षों पुरानी परंपरा छत्तीसगढ़ में प्रचलित है। इसी परंपरा को निभाने के लिए मुख्यमंत्री जांजगीर-चांपा जिला पहुंचे और वहां अपने ऊपर सोटे लगवाए। ग्रामीण बीरेंद्र ठाकुर ने सीएम पर सोटे का प्रहार किया। मुख्यमंत्री हर साल सोटे का प्रहार करवाने जांजगीर जिला पहुंचते हैं। पहले उनके ऊपर भरोसा ठाकुर सोटे का प्रहार करते थे। इस बार यह परंपरा उनके बेटे बीरेंद्र ठाकुर निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि गोवर्धन पूजा गोवंश की समृद्धि की परंपरा की पूजा है जितना समृद्ध गोवंश होगा उतनी ही हमारी तरक्की होगी। इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में गोवर्धन पूजा इतनी लोकप्रिय होती है। लोग साल भर इसका इंतजार करते हैं। हर साल आप लोगों के बीच मैं सुबह-सुबह पहुंचता हूं और परंपरा को निभाता हूं। आगे भी यह होता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ग्रामीण संस्कृति के पर्व कृषि को बढ़ावा देने वाले पर्व हैं। पर्व के माध्यम से हम जमीन से जुड़ते हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गौरा गौरी पूजा में भी भाग लिया तथा आए हुए लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इतना सुंदर पूजन और इसके पश्चात पर्व के उल्लास की अभिव्यक्ति आप लोग कर रहे हैं। आप लोगों के बीच आना मुझे हमेशा आनंदित करता है और मैं हमेशा इस अवसर का इंतजार करता हूं, इस अवसर पर मैं कामना करता हूं कि हमारा प्रदेश निरंतर तरक्की की राह पर आगे बढ़े। आपके जीवन में खुशियां आए। आपके लिए मैं मंगल कामना करता हूं।

परंपरा निभाने से जीवन भरता है उल्लास मुख्यमंत्री ने कहा हमारे पूर्वजों ने बहुत सुंदर छोटी-छोटी परंपराएं बनाई हैं। इन परम्पराओं को निभाना बहुत जरूरी है। अगर हम इसे निभाते हैं तो हमारे जीवन में उल्लास भरता है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *