एम्स रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन हुए शामिल, मेधावी छात्रों को दी डिग्रियां
रायपुर: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन रहे।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह की प्रमुख उपलब्धियां व आंकड़े
डिग्री वितरण: विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के कुल 689 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं (376 महिला एवं 313 पुरुष स्नातक)।
स्वर्ण पदक व पुरस्कार: उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 16 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शपथ ग्रहण: समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों को ‘नशे को ना कहें’ (Say No to Drugs) की शपथ दिलाई गई।
उपराष्ट्रपति के संबोधन के मुख्य बिंदु
चिकित्सा सेवा एक बड़ी जिम्मेदारी: उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन की रक्षा का संकल्प लेने का अवसर है।
संस्थान की प्रगति: 2012 में स्थापना के बाद से एम्स रायपुर ने मध्य भारत में क्षेत्रीय स्वास्थ्य असमानताओं को दूर करने में अहम भूमिका निभाई है।
उन्नत चिकित्सा उपलब्धियां: संस्थान में किडनी प्रत्यारोपण की 95% से अधिक सफलता दर, कॉर्नियल व कान प्रत्यारोपण जैसी आधुनिक सुविधाओं की सराहना करते हुए उन्होंने हृदय प्रत्यारोपण (Heart Transplant) कार्यक्रम की मंजूरी को एक बड़ी उपलब्धि बताया।
नया छत्तीसगढ़: वामपंथी उग्रवाद और भौगोलिक बाधाओं के दौर से निकलकर छत्तीसगढ़ अब विकास, शांति और अधोसंरचना के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी: देश में उच्च शिक्षा के विस्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि महिला नामांकन 2014-15 के 1.57 करोड़ से 42.2% बढ़कर 2023-24 में 2.24 करोड़ पहुंच गया है।
राज्यपाल एवं अतिथियों के विचार
राज्यपाल रमेन डेका: चिकित्सा का मूल उद्देश्य करुणा और मानवता की सेवा है। एक डॉक्टर की पहचान केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति उसके संवेदनशील व्यवहार से होती है।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल: आयुष्मान भारत, आभा (ABHA) और ई-संजीवनी जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवा चिकित्सकों से निवारक स्वास्थ्य सेवा (Preventive Healthcare) और अनुसंधान को प्राथमिकता देने की अपील की।
कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेनि.): संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए उन्होंने शोध, आधुनिक नवाचार और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
About The Author

