राज्य में मानसून मेहरबान : अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा, नारायणपुर, महासमुंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे आगे

0
IMG_1597

रायपुर सहित मैदानी जिलों में भी अच्छी बारिश

रायपुर, 01 अगस्त 2026/छत्तीसगढ़ में मानसून का रुख लगातार अनुकूल बना हुआ है। एक जून से 01 अगस्त 2026 तक प्रदेश में औसतन 557.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले दस वर्षों की इसी अवधि की औसत 541.2 मिमी वर्षा का 103 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि इस वर्ष प्रदेश में अब तक सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
प्रदेश के कई जिलों में वर्षा ने सामान्य स्तर को उल्लेखनीय रूप से पीछे छोड़ दिया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ 193.2 प्रतिशत वर्षा के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है। इसके बाद नारायणपुर (153 प्रतिशत), महासमुंद (146.7 प्रतिशत), रायपुर (135 प्रतिशत), गरियाबंद (134.3 प्रतिशत), जांजगीर-चांपा (130.7 प्रतिशत), बलौदाबाजार (124.1 प्रतिशत), बालोद (123 प्रतिशत), धमतरी (118.6 प्रतिशत), दुर्ग (117 प्रतिशत), सक्ती (115.7 प्रतिशत), बलरामपुर (111.3 प्रतिशत), बिलासपुर (111 प्रतिशत), मुंगेली (106.5 प्रतिशत), राजनांदगांव (106.1 प्रतिशत) तथा दंतेवाड़ा (106 प्रतिशत) में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
वहीं सामान्य वर्षा के करीब रहने वाले जिलों में कोरिया (99.7 प्रतिशत), कोरबा (97.8 प्रतिशत), रायगढ़ (97.1 प्रतिशत), मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (96.6 प्रतिशत), गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (95.8 प्रतिशत) और सूरजपुर (95.7 प्रतिशत) शामिल हैं।
इसी तरह खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में (91.1 प्रतिशत), कोंडागांव में (90.5 प्रतिशत), कबीरधाम में (88.2 प्रतिशत), बस्तर में (80.9 प्रतिशत), बेमेतरा में (78.1 प्रतिशत), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में (75.4 प्रतिशत), जशपुर में (72.1 प्रतिशत), कांकेर में (72.5 प्रतिशत), बीजापुर में (71.8 प्रतिशत), सरगुजा में (67.5 प्रतिशत) तथा सुकमा में (66.1 प्रतिशत) वर्षा दर्ज की गई  है।
यदि एक जून से अब तक हुई वास्तविक वर्षा की बात करें तो नारायणपुर में सर्वाधिक 996.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ (788.3 मिमी), महासमुंद (725.0 मिमी), जांजगीर-चांपा (728.5 मिमी), दंतेवाड़ा (715.1 मिमी), गरियाबंद (709.0 मिमी), बीजापुर (700.5 मिमी), बालोद (668.2 मिमी), धमतरी (640.0 मिमी), बलौदाबाजार (625.3 मिमी) तथा रायपुर (612.6 मिमी) वर्षा के साथ प्रमुख जिलों में शामिल हैं।
राज्य स्तरीय वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई, जलाशयों में जलभराव तथा भू-जल स्तर में सुधार की स्थिति मजबूत हुई है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed