हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सिम्स के आसपास यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ करने संयुक्त बैठक आयोजित
बिलासपुर, 1 अगस्त। माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में प्रचलित PIL-93/2023 के परिप्रेक्ष्य में सिम्स चिकित्सालय के आसपास बढ़ती यातायात एवं पार्किंग संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में यातायात पुलिस, नगर निगम एवं सिम्स प्रबंधन के अधिकारियों ने आपसी समन्वय स्थापित कर स्थायी एवं प्रभावी यातायात व्यवस्था विकसित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक में सिम्स के समीप रिवर व्यू रोड से सदर बाजार की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर अनियोजित रूप से खड़े वाहनों, सड़क किनारे संचालित गुमटियों एवं ठेलों, निजी एम्बुलेंसों की अव्यवस्थित पार्किंग तथा आसपास की दुकानों में आने वाले लोगों द्वारा सड़क पर वाहन खड़े किए जाने से उत्पन्न जाम की समस्या पर गंभीर चर्चा की गई। अधिकारियों ने माना कि इस स्थिति के कारण सिम्स में आने वाले गंभीर मरीजों, दुर्घटना में घायल व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य आपातकालीन मरीजों को समय पर चिकित्सालय तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि अस्पताल क्षेत्र को पूर्णतः आपातकालीन सेवाओं के अनुरूप सुगम एवं बाधारहित बनाया जाए। इसके लिए पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन, निजी एम्बुलेंसों के लिए पृथक पार्किंग व्यवस्था, सड़क किनारे अतिक्रमण एवं अव्यवस्थित ठेले-गुमटियों के नियमन, नो-पार्किंग क्षेत्रों का निर्धारण, यातायात संकेतकों की स्थापना तथा नियमित यातायात निगरानी जैसे बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।
बैठक में सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, यातायात डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार, नगर पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे तथा नगर निगम के जोन कमिश्नर अंकुर पांडे उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स प्रदेश का प्रमुख शासकीय चिकित्सालय है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में गंभीर एवं आपातकालीन मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल के आसपास सुचारु यातायात व्यवस्था एवं व्यवस्थित पार्किंग केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि मरीजों के जीवन की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से अस्पताल क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं जाममुक्त बनाया जाएगा।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में प्रत्येक मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि एम्बुलेंस या मरीजों के वाहन जाम में फंसते हैं तो उपचार प्रारंभ होने में अनावश्यक विलंब हो सकता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के आसपास प्रभावी यातायात प्रबंधन, वैज्ञानिक पार्किंग व्यवस्था एवं नियमित निगरानी से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी तथा आपातकालीन सेवाएं और अधिक प्रभावी बन सकेंगी।
बैठक में संबंधित विभागों ने शीघ्र ही संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्णय लिया, ताकि सिम्स चिकित्सालय के आसपास यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं जनहितैषी बनाया जा सके
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