धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा, प्रहलाद जोशी को सौंपा गया अतिरिक्त प्रभार
नई दिल्ली: देश में परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर लगातार हो रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
इस्तीफे की मुख्य बातें:
नैतिक जिम्मेदारी: धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के व्यापक हितों और देश के युवाओं को किसी भी तरह के भ्रम या कानूनी उलझनों से बचाने का हवाला देते हुए अपने पद से त्यागपत्र दिया है।
छात्रों के प्रति प्रतिबद्धता: अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने कहा कि वे चार दशकों से भी अधिक समय से शिक्षा सुधारों और छात्रों के हितों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और मेधावी छात्रों के भविष्य की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता रही है।
प्रहलाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री:
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रहलाद जोशी को उनके वर्तमान विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है ।प्रहलाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का दायित्व भी संभाल रहे हैं। नए शिक्षा मंत्री के सामने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ढांचे में सुधार करने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की बड़ी चुनौती होगी।
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