भुवन वर्मा बिलासपुर 29 अक्टूबर 2022

कहीं आप के फिंगरप्रिंट से कोई अपराध तो नहीं हो रहा – गोपिका बघेल साइबर फोरेंसिक कंसलटेंट

रायपुर से क्षितिज मिश्रा की रपट

रायपुर । वर्तमान के समय में हर व्यक्ति तकनीकी सेवाओं से जुड़ा हुआ है, इंटरनेट और मोबाइल फोंस का इस्तेमाल कर रहा है। हर बढ़ते दिन साइबर अपराधों के नए मामले सामने आ रहे हैं, इन अपराधों के साथ बायोमेट्रिक फ्रॉड के मामले भी सामने आ रहे हैं। तकनीकी सेवाओं ने जैसे हमारे काम आसान कर दिए हैं, वैसे ही हमारी उंगलियों पर समस्याओं का निराकरण भी दिया है, और इसी फिंगर प्वाइंट पर मौजूद यूजर्स की हर जानकारी भी दी है, जिससे कि साइबर ठग इसका फायदा आसानी से उठा सकते हैं।

सावधान रहें सतर्क रहें जहा भी फिंगरप्रिंट देने की आवश्कता हो वहा सुनिश्चित करें कि इसका उचित उपयोग हो रहा हैं जिसकी आप को जानकारी लेने का पूरा अधिकार हैं.

कई मामले ऐसे सामने आए हैं, जिसमें ठगों ने ग्राहक सेवा केंद्र खोलकर फिंगर क्लोनिंग जैसे अपराध भारी मात्रा में किए हैं, जिसमें सेवा केंद्र पर आए हुए लोगों से उनके बायोमैट्रिक्स अंगूठा छाप लेकर एवं उनसे अन्य दस्तावेज जैसे की आधार कार्ड की डिटेल लेकर स्कैन कर लेते हैं, जिसके बाद बटर पेपर को रबर पर रखकर थंब इंप्रेशन मशीन से इंप्रेशन लेते हैं, जिससे उस थंब इंप्रेशन का निशान पॉलीमर पर आ जाता है, जिससे कि व्यक्ति के अंगूठे का क्लोन फिंगरप्रिंट तैयार किया जाता है, उसके बाद फर्जी क्लोन फिंगरप्रिंट के माध्यम से लिंक बैंक खातों से रुपए निकाल लिए जाते हैं, ऐसे कई मामले सामने आए हैं। फिंगरप्रिंट क्लोनिंग जिससे बहुत लोगों का फिंगरप्रिंट क्लोन करके बैंक अकाउंट भी खाली कर दिए हैं, ऐसे फिंगरप्रिंट को क्लोन करने के लिए अपराधी पॉलीमर केमिकल बायोमैट्रिक्स, कैनवस बटर पेपर, आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट पैड का इस्तेमाल करते हैं।

कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिसमें कोई दूसरा व्यक्ति परीक्षार्थी की जगह परीक्षा दे रहा था, और उस व्यक्ति ने एग्जाम में शामिल होने के लिए असली परीक्षार्थी के अंगूठे की खाल को अपने अंगूठे में लगा लिया और इस तरह वह परीक्षा केंद्र में अंदर जाने के लिए कामयाब हो गया। आज के समय में आधार कार्ड एक बहुत जरूरी डॉक्यूमेंट है, जो कि हमारे फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद बनाया जाता है और आधार कार्ड से हमारे दूसरे जरूरी डाक्यूमेंट्स जुड़े होते हैं, जैसे कि राशन, कार्ड पैन कार्ड या अन्य बैंक से जुड़े अकाउंट। अभी के समय में आधार डिटेल को प्राइवेट रखना बहुत जरूरी है, अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो हमारी बाकी महत्वपूर्ण जानकारी का उपयोग कर साइबर ठग हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इसके लिए हमें जरूरी है आधार कार्ड के बायोमैट्रिक्स को लॉक करके रखना जिसके लिए सरकार ने हाल ही में नई गाइडलाइन जारी करी है। हम अपने बायोमैट्रिक्स को लॉक करके रख सकते हैं, इसका मतलब है कि आपके अलावा कोई आपकी उंगलियां, आइरिस, अंगूठे फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल नहीं कर सकता है, UIDAI के वेबसाइट पर जाकर कोई भी अपना बायोमैट्रिक्स लॉक कर सकता है। बायोमैट्रिक लॉक करने के बाद भी आप ओटीपी के जरिए ऑथेंटिकेशन लेकर सुनिश्चित हो सकते हैं, इसका मुख्य उद्देश्य आपकी डाटा की गोपनीयता को मजबूत करना है। UIDAI भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने AEPS मैं एक सिक्योरिटी फीचर जोड़ा है, “फिंगरप्रिंट लाइवलीनेस” इससे पैसे निकालने के लिए क्लोन फिंगरप्रिंट का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। UIDAI ने नया फीचर सिलिकॉन पैड पर बनाए गए फिंगरप्रिंट का उपयोग कर बैंक खातों की धोखाधड़ी की खबरें आने के बाद बनाया है।

सिक्योरिटी फिचर को सॉफ्टवेयर अपग्रेड के जरिए एइपीएस पॉइंट ऑफ सेल मशीनों में डालकर बनाया गया है। इससे PoS का पता चल जाएगा कि इस्तेमाल किया हुआ बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट जीवित व्यक्ति का है या नहीं, इससे अवैध लेनदेन किए जा रहे मामलों में भी कमी आएगी यह एक बेहतर ऑथेंटिकेशन और सिक्योरिटी सुनिश्चित करता है। बीते कुछ समय से फिंगरप्रिंट का प्रयोग कर आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम से पेंशन फ्रॉड की खबरें सामने आई थी और इसके बाद जांच में पता चला कि अपराधियों ने लोगों के फिंगरप्रिंट सरकारी वेबसाइट पर अपलोड कर लैंड रिकॉर्ड्स से कॉपी किए था और उनको सिलिकॉन पैड पर लगाकर लोगों के बैंक खातों से पैसा निकाले था। ऐसे अपराधों से बचने के लिए कोशिश यह करें कि अपना बायोमेट्रिक किसी भी जगह बेवजह ना दे और अगर आपको ऐसे अपराधों का पता चलता है तो आप जल्द से जल्द अपने करीबी पुलिस थाना में सूचित करें.

लेखिका गोपिका बघेल साइबर फोरेंसिक कंसलटेंट रायपुर छत्तीसगढ़ में अपना दायित्व निभा रही हैं,साइबर सुरक्षा को लेकर अपने लेख के माध्यम से लोगो को जागरूक करने का प्रयास करती हैं.

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