लाइफ स्टाइल

On the day of her funeral, she stood outside her house as mourners left for the evening. Then she saw her husband guiding a group to their cars.

भोले भंडारी जो सबके भंडार भरते हैं और मां पार्वती अन्नपूर्णा के रूप में सबको अन्न देकर तृप्त करती हैं, और सावन का माह पूरे जीव जगत चर अचर को जीवन देते हैं- संत राम बालक दास

सुहेला तहसीलदार ममता, लिपिक नेताम व दलाल धर्मेंद्र के माध्यम से रोज लूटते हैं गरीब किसानों को : नामातंरण ,बी वन, नक्शा खसरा दस्तावेज की प्रति : बिना चढ़ावा के नहीं होता कोई काम, जनप्रतिनिधि हिस्सा लेकर रहते हैं मौन

धर्म सम्राट करपात्री जी की 114 वी जयंती संपन्न : राजसत्ता पर धर्म सत्ता का नियंत्रण आवश्यक, गौ रक्षा दिवस के रूप में मनाया गया पवन दिवस को

धर्म सम्राट करपात्री जी की 114 वी जयंती संपन्न: राजसत्ता पर धर्म सत्ता का नियंत्रण आवश्यक,गौ रक्षा दिवस के रूप...

मुहिम एक रुपया अभियान की पांचवी वर्षगांठ : सीमा वर्मा को स्टेशनरी बांटते – नैतिकता पाठ के साथ पढ़ते- पढ़ाते हो गए पांच वर्ष पूर्ण, स्कूली बच्चों के साथ मनाई वर्षगांठ

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुये वैधानिक समुद्री व्यापार से बाधायें हटाने पर जोर देते कही समुद्री सुरक्षा हमारे लिये अहम – प्रधानमंत्री मोदी

सरकारी राशि का निजी उपयोग करने के बाद नगद और चेक के माध्यम से संचालक ने लौटाई सरकारी राशि : चेक में हेराफेरी,बैंक ने कर किया भुगतान अब सी ई ओ को फसाने रची जा रही साजिश ,जनपद पंचायत बिल्हा की जांच प्रतिवेदन जिला पंचायत से गायब, कैसे होगी निष्पक्ष जाँच…?

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिले में 37 सामुदायिक, वन संसाधन और व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में समारोह का आयोजन, जनप्रतिनिधि अटल ,प्रमोद रामशरण ,अरुण सहित हितग्राही वर्चुअली हुए शामिल

बिलासा कला मंच ने हरेली तिहार अरपा भैंसाझार में धूमधाम से मनाया : लोक संस्कृति लोक खेलो का रहा महासंगम

बिलासा कला मंच ने हरेली तिहार अरपा भैंसाझार में धूमधाम से मनाया : लोक संस्कृति लोक खेलो का रहा महासंगम...

हरिहर ऑक्सीजोन के हरेली महापर्व में कृषि औजार पूजन के साथ देव पौधों बेल ,पीपल, आँवला व बरगद का हुआ पौधरोपण : नारियल फेक प्रतियोगिता में कुलसचिव गौरव शुक्ला रहे प्रथम स्थान पर

गेंड़ी एक लोकनृत्य भी है जो छत्तीसगढ़ की पुरातन लोक संस्कृति में से एक है। आज हरेली के दिन से भादों की तीजा पोला के दिन तक मनाया जाता है गेड़ी पर्व : हरियाली अमावस्‍या पर पितरों के नाम से लगाये जाते हैं पौधे भी