हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जूनियर वकीलों के स्टाइपेंड के लिए बनेंगी गाइडलाइंस, बार काउंसिल को एक महीने का अल्टीमेटम
बिलासपुर. जूनियर वकीलों को मासिक वृत्ति देने को लेकर पेश जनहित याचिका में आज चीफ जस्टिस के आर महापात्र की डीबी ने स्टेट बार काउंसिल को एक गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया. बार काउंसिल के वकील ने इसके लिए एक माह का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है. अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को होगी.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने बताया कि नए नामांकित वकीलों को वित्तीय सहायता देने के मुद्दे पर 30 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में चर्चा नहीं हो सकी थी. उन्होंने बताया कि इस विषय पर चर्चा के लिए 27 अक्टूबर को कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित है और उसमें मामले पर विचार किए जाने की संभावना है.
सुनवाई में याचिकाकर्ता सिद्धांत दास स्वयं उपस्थित हुए. राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर, छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ता पलाश तिवारी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अधिवक्ता यश त्रिपाठी उपस्थित रहे.राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से 24 अक्टूबर 2026 को प्रस्तुत शपथपत्र को भी हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया.
पक्षकारों के साथ चर्चा के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि स्टेट बार काउंसिल ने नए नामांकित वकीलों को आर्थिक सहायता देने के लिए अब तक मसौदा दिशा-निर्देश तैयार नहीं किए हैं. इस पर बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ता पलाश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार से फंड जारी होने की स्थिति में नए वकीलों को वित्तीय सहायता देने के लिए ड्राफ्ट गाइडलाइन प्रस्तुत कर दी जाएगी.
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