केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर किया आत्मीय स्वागत, न्योता भोज में बच्चों के साथ किया भोजन
जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोर
बिलासपुर, 1 जुलाई 2026/केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज यहां सेजेस लाल बहादुर शास्त्री, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर स्थित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कर आत्मीय स्वागत किया। अतिथियों ने बच्चों के साथ न्योता भोज में शामिल होकर भोजन किया एवं छात्राओं का सरस्वती सायकल योजना के तहत सायकल का वितरण भी किया। उन्होंने नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, संस्कारवान नागरिक बनने और अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अंबिका साहू, पूर्व महापौर किशोर राय, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर जायसवाल, दीपक सिंह, मोहित जायसवाल, राजेश सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, पालक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
शाला प्रवेशोत्सव शिक्षा के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव : केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू
बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों को नए शिक्षा सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शाला प्रवेशोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में उसकी प्राथमिक पाठशाला की स्मृतियां हमेशा बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छे संस्कार और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरे मन से अध्ययन कर अपने परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
कड़ी मेहनत और शिक्षा ही सफलता का सबसे बड़ा आधार : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है। आज स्कूलों में भवन, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में सम्मानपूर्वक आगे बढ़ना है तो कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। विद्यार्थियों को पूरे समर्पण के साथ पढ़ाई कर अपने सपनों को साकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा से पूरे देश में राज्य का गौरव बढ़ाएं।
स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हों : विधायक सुशांत शुक्ला
विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि विद्यालयों का सामाजिक ऑडिट होना चाहिए, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी आवश्यक सुविधाएं मिलना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यालय शौचालय विहीन, जर्जर अथवा अवैध कब्जे से प्रभावित नहीं होना चाहिए। विद्यालयों का वातावरण बच्चों के सर्वांगीण विकास के अनुकूल होना चाहिए।
हर विद्यालय में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य : कलेक्टर संजय अग्रवाल
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः विद्यालय तक लाना है। उन्होंने बताया कि जिले में 1800 से अधिक विद्यालय, लगभग 8 हजार शिक्षक तथा 1 लाख 67 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। आगामी तीन माह में प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक स्मार्ट क्लास स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षक-पालक बैठकों को प्रभावी बनाने, दिव्यांग बच्चों के लिए सुविधाएं बढ़ाने, समय पर पाठ्यपुस्तकों के वितरण तथा सरस्वती साइकिल योजना के प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में स्वागत भाषण जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर जायसवाल ने दिया। 
नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर विद्यालय परिवार में स्वागत किया गया। छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिलों का वितरण किया गया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बिल्हा शासकीय स्कूल के शिक्षक श्री कलेश्वर साहू को सम्मानित किया गया। उनहोंने दो लाख सीड बॉल तैयार किया है। साहू ने अतिथियों को तैयार किए गए सीड बॉल भेंट किए। सेवानिवृत्त शिक्षकों को निःशुल्क शैक्षणिक सहयोग देने के लिए भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक एवं विद्यार्थियों की सहभागिता रही।
About The Author




