छत्तीसगढ़ राज्योत्सव मेले के स्टॉल में आकर्षण का केंद्र बना : अभिषेक सपन द्वारा प्रदर्शित छतीसगढ़ की विलुप्तप्राय मटपरई भित्ति शिल्पकला

भुवन वर्मा बिलासपुर 07 नवंबर 2022

E रायपुर । इस बार राज्योत्सव मेले में लोगों और मीडिया के आकर्षक और सराहना का केन्द्र रहा मटपरई शिल्पकला का स्टॉल ।
कलाकार अभिषेक ने बताया-
“मट”- अर्थात मिट्टी और
“परई”- अर्थात कागज व खल्ली की लुगदी।
इन सभी वस्तुओं को सड़ा कर बनाई गई कला ही “मटपरई कला” कहलाती है।
यह छत्तीसगढ़ की एक प्राचीन कला है जिसे हमारे बड़े बुजुर्गों द्वारा बनायी जाती थी। परंतु वर्तमान में ये कला विलुप्त हो गई है। अभिषेक सपन छत्तीसगढ़ के एकमात्र कलाकार है ,जिन्होंने विलुप्त हो चुकी मटपरई कला को जीवंत कर ,मटपरई कला को पुनः बना रहे है तथा जनमानस तक इस कला को पहुँचाने की कोशिश कर रहे है । वे इस मटपरई कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति लोकनृत्य,लोककथा,लोककहानी, लोक परंपरा, तीज,त्यौहारो,पशु पक्षी,देवी देवताओं की कृति अपनी कल्पनाशीलता से बनाते हैं। कुछ दिनों पूर्व दुर्ग के कॉलेज में अभिषेक को इस कला पर कार्यशाला हेतु आमंत्रित किया था। जिसे महाविद्यालयींन छात्रों व प्राध्यापकों का अच्छा परिसाद मिला था।

ऐसी कला व ऐसे कलाकार पर, राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित हुआ और राज्योत्सव में
छतीसगढ़ की युवा पीढ़ी को पुनःअपनी लुप्त संस्कृति की कला को जानने का अवसर मिला। ऐसे सरकारी प्रयासों द्वारा ही युवा वर्ग को प्रोत्साहन मिलेगा और छत्तीसगढ़ की लुप्त कला व संस्कृति को नवजीवन मिलने के साथ-साथ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर में एक पहचान मिल सकेगी जिससे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ेगा।

भिलाई से श्रीमती मेनका वर्मा की रिपोर्ट….

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