शांता फाउंडेशन की दीपावली सेवा पहल : कुंद्रापारा डबरा मोहल्ला में जरूरतमंद बच्चों के बीच बांटी दीपावली की खुशियां, पटाखे पाकर खिले नन्हे चेहरों पर मुस्कान
बिलासपुर। दीपावली का पर्व केवल दीपों की रोशनी का नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, सद्भाव और खुशियां बांटने का उत्सव है। इसी भावना को साकार करते हुए शांता फाउंडेशन द्वारा तिफरा स्थित कुंद्रापारा डबरा मोहल्ला में जरूरतमंद एवं गरीब बच्चों के बीच दीपावली के अवसर पर पटाखों का वितरण किया गया। उपहार स्वरूप पटाखे पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखते ही बन रही थी। उनकी खिलखिलाहट और मुस्कान ने इस सेवा पहल को यादगार बना दिया। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी दीपावली के उत्सव में बराबरी से खुशियां मनाने का अवसर देना था। फाउंडेशन के इस प्रयास ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी तभी है, जब समाज का हर वर्ग उसमें सहभागी बने। इस अवसर पर शांता फाउंडेशन के संस्थापक नीरज गेमनानी ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और आतिशबाजी करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और स्वार्थ से परमार्थ की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। त्योहारों की सार्थकता तभी है, जब हमारी खुशियों में उन लोगों की खुशियां भी शामिल हों, जो आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई बार सामान्य उत्सवों से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे अनेक बच्चे हैं, जिनकी छोटी-छोटी इच्छाएं होती हैं। यदि हमारे छोटे से प्रयास से उनके चेहरों पर मुस्कान आ सकती है, तो इससे बड़ा संतोष और सेवा का प्रतिफल कुछ नहीं हो सकता। हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा स्वयं को उपेक्षित महसूस न करे और हर बच्चे को स्नेह, सम्मान एवं खुशियों के साथ त्योहार मनाने का अवसर मिले। शांता फाउंडेशन की इस पहल ने एक बार फिर यह साबित किया कि दीपावली की वास्तविक रोशनी केवल घरों में जलते दीयों से नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर खिलती मुस्कान से भी जगमगाती है। सेवा कार्य में शांता गेमनानी, डी विनीता रॉव, सृष्टि सिंह, संदीप घनशानी, दीपक सिंह ठाकुर, गोपाल कश्यप, अक्षय भगत एवं डीएलएस एनएसएस की पूरी टीम उपस्थित रही
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