सेवा संकल्प अभियान : वनांचल में जगी शिक्षा की नई अलख
नगरी में सुदृढ़ होती उच्च शिक्षा और विकास की बयार
विष्णु प्रसाद वर्मा – सहायक संचालक,जनसंपर्क
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और आदिवासी बहुल अंचलों में सेवा आपके द्वार और सेवा का संकल्प अब महज प्रशासनिक नारे या सरकारी घोषणाएं नहीं रह गए हैं। यह धरातल पर एक सशक्त, व्यापक और स्थायी सामाजिक बदलाव का जीवंत माध्यम बन चुके हैं। राज्य सरकार का मूल ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि विकास की रोशनी केवल बड़े महानगरों तक ही सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे सुदूर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के हर नागरिक तक पहुंचे। इसी दूरदर्शी सोच के तहत आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के प्रसार और मजबूत अधोसंरचना के निर्माण के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसी प्रशासनिक प्रतिबद्धता का एक प्रेरणादायक उदाहरण हाल ही में धमतरी जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र नगरी में देखने को मिला है।
अधोसंरचना और पठन-पाठन का नया विस्तार
धमतरी जिले का नगरी अंचल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के लिए विख्यात है, लेकिन लंबे समय से यहां शैक्षणिक संसाधनों के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। क्षेत्र के प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्र, शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय, नगरी में अतिरिक्त अध्ययन कक्षों, आधुनिक प्रयोगशालाओं और बेहतर पठन-पाठन सुविधाओं की कमी थी।
वनांचल के प्रतिभावान युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने और उनकी राह को सुगम बनाने के उद्देश्य से, प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने महाविद्यालय परिसर में 50 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित अतिरिक्त कक्ष भवन का लोकार्पण किया। यह नवनिर्मित भवन केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा मात्र नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के सैकड़ों छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा की आकांक्षाओं का मजबूत प्रतीक है। यह आधुनिक भवन विद्यार्थियों को उन्नत अध्ययन, शोध कार्य, अकादमिक सेमिनार, कार्यशालाओं और विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त और शांत शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेगा।
इसके साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास को गति देने के लिए नगर पंचायत नगरी क्षेत्र में नागरिकों की दैनिक सहूलियत और जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाले कई अन्य बुनियादी विकास कार्यों का भी शिलान्यास किया गया। यह कदम इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए भी पूरी तरह संकल्पित है।
युवाओं के सपनों को मिल रही नई दिशा और मजबूत आधार
उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने राज्य सरकार के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल और संवेदनशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को विश्वस्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक और मजबूत आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा ही एक स्वर्णिम छत्तीसगढ़ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की वास्तविक नींव हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद निरंतर प्रयास, अटूट लगन और अनुशासन के बल पर ही प्रदेश का उज्ज्वल भविष्य गढ़ा जा सकता है। यह नया ढांचागत विकास वनांचल के विद्यार्थियों में एक नया उत्साह, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की ऊर्जा का संचार करेगा।
शहरों से निकलकर वनांचल तक पहुंचा विकास
सुदूर वनांचल में बुनियादी ढांचे का यह ऐतिहासिक विकास इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि अब विकास की गति केवल राजधानी या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। सेवा आपके द्वार की भावना के साथ जब शासन स्वयं नागरिकों के द्वार तक पहुंचता है, तो इसके परिणाम बेहद सुखद और दूरगामी होते हैं।
शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय में हुए इस विस्तार से अब आसपास के दर्जनों गांवों के आदिवासी और ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी। अपने ही क्षेत्र में उच्च स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं मिलने से विशेष रूप से बालिकाओं और छात्राओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी में तेजी से वृद्धि होगी।
शिक्षा के माध्यम से सशक्त हो रहे युवा
संसाधनों का यह सुलभ विस्तार वनांचल के युवाओं की सोच और उनके जीवन स्तर में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव ला रहा है। शिक्षा के माध्यम से सशक्त होते ये युवा न केवल अपना और अपने परिवार का भविष्य संवार रहे हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समग्र प्रगति और विकास यात्रा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हो रहे हैं। यही वास्तविक और जमीनी बदलाव आज प्रदेश की प्रगति की एक नई और स्वर्णिम कहानी लिख रहा है।
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