मंगल परिणय — रिश्तों को रिश्तेदारी में बदलने की एक सार्थक अनुकरणीय पहल

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बिलासपुर। समाज में विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए एक सशक्त एवं सार्थक मंच के रूप में कार्य कर रहा है।छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल एवं प्रदेश कार्य. अध्यक्ष राजेंद्र राजू अग्रवाल के मार्गदर्शन में मंगल परिणय ग्रुप निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है।चर्चा के दौरान श्रीमती शोभा केडिया राष्ट्रीय संयोजिका ने बताई की मंगल परिणय की अब तक की उपलब्धियाँ निम्नानुसार है।अबतक 880 सामान्य युवक-युवतियों के रिश्ते तय होकर परिणय सूत्र में बंध चुके हैं। वही 190 विधवा, विधुर एवं तलाकशुदा युवक-युवतियों के रिश्ते तय हुए हैं। 32 रिश्ते देश-विदेश में रहने वाले युवक-युवतियों के भी हमारे माध्यम से तय हो चुके हैं। तीन बार ऑनलाइन ज़ूम परिचय सम्मेलन का सफल आयोजन भी किया जा चुका है। हाल ही में गत दिवस को आयोजित तीसरे ऑनलाइन परिचय सम्मेलन में अभूतपूर्व सहभागिता देखने को मिली।जिसमे 1,439 बच्चों का पंजीयन हुआ। इनमें से 560 युवक-युवतियों ने ऑन-स्क्रीन आकर ज़ूम के माध्यम से अपना परिचय दिया। यह सफलता केवल आंकड़े नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की खुशियाँ, उम्मीदें और नए रिश्तों की शुरुआत है। इस पूरे सेवाकार्य को समर्पण और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ाने मे हमारी टीम के मैं स्वयं राष्ट्रीय संयोजिका श्रीमती शोभा केडिया 8839440334 श्रीमती शशि अग्रवाल, श्रीमती रजनी डालमिया बालको, श्रीमति रीना बामलिया बिलासपुर का महत्वपूर्ण योगदान है। मंगल परिणय का उद्देश्य केवल रिश्ते मिलाना नहीं, बल्कि दो परिवारों को विश्वास, संस्कार और खुशियों के बंधन में जोड़ना है। आइए, हम सब मिलकर इस पुनीत प्रयास को और आगे बढ़ाएँ, ताकि कोई भी योग्य युवक-युवती अपने जीवनसाथी की तलाश में अकेला न रहे। मंगल परिणय — एक प्रयास, अनेक परिवारों की खुशियाँ देने की सार्थक पलह है।

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