बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ जिले में धान की बोनी और रोपाई ने पकड़ी रफ्तार : कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों के लिए जारी की मौसम आधारित एडवाइजरी

0
WhatsApp Image 2026-07-06 at 18.05.08
बिलासपुर, 06 जुलाई 2026/जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खरीफ सीजन में धान की बोनी एवं रोपाई का कार्य तेज हो गया है। इसे देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। किसानों से प्रमाणित एवं उन्नत किस्म के धान बीजों का उपयोग करने, बीजोपचार अपनाने तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग के साथ वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह दी गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को इंद्रावती धान, एमटीयू-1153, विक्रम टीसीआर एवं छत्तीसगढ़ धान-1919 जैसी उन्नत एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों का उपयोग करने की सलाह दी है। सीधी बोनी करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 किलोग्राम बीज का उपयोग करने, 20 सेंटीमीटर कतार दूरी रखने तथा 3 से 4 सेंटीमीटर गहराई पर बुवाई करने की अनुशंसा की गई है। इससे पौधों का समान विकास होने के साथ फसल प्रबंधन भी आसान होता है। रोपाई विधि अपनाने वाले किसानों को 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध का उपयोग करने, 20×10 सेंटीमीटर की दूरी पर प्रति स्थान 2 से 3 पौधे लगाने की सलाह दी गई है। साथ ही नर्सरी की उचित देखभाल, रोपाई समय पर पूरी करने तथा खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को बुवाई से पहले बीजोपचार अवश्य करने, समय पर खरपतवार नियंत्रण करने तथा अनुशंसित मात्रा में नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी है, ताकि फसल की अच्छी बढ़वार और अधिक उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में जिले में घने बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को मौसम का लाभ उठाकर धान की बोनी एवं रोपाई का कार्य समय पर पूरा करने की सलाह दी गई है। साथ ही कीटनाशकों का छिड़काव केवल मौसम साफ रहने पर ही करने तथा खेतों की नियमित निगरानी रखने की अपील की गई है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed