अर्न्तराष्ट्रीय खजूराहो नृत्य समारोह में:छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया – डॉ. सिन्हा

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राजनांदगांव / देश का ख्यातिलब्ध प्रतिष्ठित खजुराहो 52वाँ नृत्य समारोह दिनांक 20 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक आयोजित अंर्तराष्ट्रीय नृत्य समारोह उस्ताद अलाउद्दीन खाँन संगीत एवं कला अकादमी मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद भोपाल मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से “लय शाला” के अंतर्गत गुरू शिष्य परंपरा पर एकाग्र सोदरहण व्याख्यान माला के अन्तर्गत चक्रधर कत्थक कल्याण केन्द्र के संस्थापक डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित गुरू और शिष्य के परस्पर अंतर संबंधों को हमारे सनातन ऋषियों मुनियों अपने गुरूओं से प्राप्त ज्ञान को शिष्य कैसे आगे ले कर जाता है और उसे साधना एवं अनुशासन, निष्ठा से कला की शुद्धता को रोपीत करते हुए परंपरा और आधुनिकता तक सांस्कृतिक चेतना जगाने का कार्य शिष्य करता है।

इस बीच डॉ. सिन्हा ने अपने गुरू रायगढ़ दरबार के दरबारी कलाकार प्रो. कल्याण दास महन्त एवं पद्म विभूषण पं. बिरजू महराज जी से प्राप्त कथक नृत्य की ज्ञान परंपरा से “लय शाला” में देश भर से पधारे गुरूओं एवं युवाओं को लखनऊ एवं रायगढ़ घराने की विशेषताओं को अपनी पोती कुमारी प्रसिद्धी सिन्हा के माध्यम से दादा और पोती कथक नृत्य की प्रायोगिक पक्ष को सोदहारण प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया ज्ञात हो डॉ. सिन्हा स्वयं त्रिवेणी कार्यक्रम के द्वारा बेटा (तुषार) व पोती के माध्यम से अपनी तीसरी पीढ़ी के साथ कथक नृत्य का प्रस्तुति कर देश के प्रतिष्ठित समारोह में छत्तीसगढ़ का परचम फहरा रहे हैं। इस बीच आप लय शाला में पुरातन मंदिरों में किये जाने वाले कथा गायन परंपरा को सोदहारण प्रस्तुत करते हुए अपने द्वारा किये जा रहे नवाचार को दर्शक दीर्घा एवं प्रबुद्धजन बहुत ही सराहे भी । अन्त में डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा द्वारा कथक के युवा कलाकारों को रायगढ़ घराने की अप्रचलित नृत्य संरचनाओं को प्रशिक्षण दिये ।

उपरोक्त जानकारी डोमेश्वर ने दी ।

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