सरकंडा स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में 24 घंटे का अखंड महारुद्राभिषेक शुरू; कल सुबह 9 बजे से होगा अभिमंत्रित रुद्राक्ष का वितरण

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बिलासपुर।श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर सुभाष चौक सरकंडा बिलासपुर छत्तीसगढ़ में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रातः 5:00 बजे से अखंड महारुद्राभिषेक प्रारंभ हुआ जोकि 16 फरवरी सोमवार को प्रातः 5:00 बजे तक निरंतर चलता रहेगा, तत्पश्चात भगवान सदाशिव भोलेनाथ को समर्पित रुद्राक्ष का नि:शुल्क वितरण प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 2:00 तक किया जाएगा।

पीतांबरा पीठाधीश्वर श्री स्वामी दिनेश जी महाराज के द्वारा आज आध्यात्मिक चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के संगम पर रुद्राक्ष के महत्व को लेकर एक विशेष जानकारी साझा की गई। पौराणिक मान्यताओं और आधुनिक शोध के अनुसार, रुद्राक्ष मानव जाति के लिए प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार है, जो न केवल आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है बल्कि शारीरिक और मानसिक व्याधियों का भी शमन करता है।
रुद्राक्ष की उत्पत्ति: 
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के नेत्रों से हुई है। ‘रुद्राक्ष’ का अर्थ है— ‘रुद्र का अक्ष’ (आँसू)। कथा है कि जब महादेव ने संसार के कल्याण हेतु वर्षों तक समाधि के बाद नेत्र खोले, तो उनके आनंद के आँसू पृथ्वी पर गिरे और उनसे रुद्राक्ष के वृक्ष उत्पन्न हुए। अतः इसे साक्षात शिव का स्वरूप माना जाता है।

रुद्राक्ष धारण करने के बहुआयामी लाभ
स्वास्थ्य लाभ- रुद्राक्ष के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुण रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रित करते हैं और हृदय रोगों में लाभ पहुंचाते हैं।
मानसिक शांति: यह तनाव, अवसाद और चिंता को दूर कर एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाता है।
सुरक्षा कवच: यह जातक को नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर से सुरक्षा प्रदान करता है।
ग्रह दोष निवारण: रुद्राक्ष धारण करने से कुंडली के अशुभ ग्रहों का प्रभाव शांत होता है।
महाशिवरात्रि पूजन के उपरांत रुद्राक्ष धारण का विशेष महत्व*
महाशिवरात्रि का पर्व रुद्राक्ष को जागृत (सिद्ध) करने का सबसे शक्तिशाली अवसर है।
ऊर्जा का संचरण: जब रुद्राक्ष को शिवरात्रि के अभिषेक में शिवलिंग पर अर्पित किया जाता है, तो वह पूजन की समस्त दिव्य ऊर्जा को सोख लेता है।
चमत्कारी प्रभाव: पूजन के पश्चात प्रसाद स्वरूप इसे धारण करने से यह अत्यंत प्रभावशाली हो जाता है। माना जाता है कि शिवरात्रि पर अर्पित रुद्राक्ष धारण करने से साधक को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता और उसे आध्यात्मिक मोक्ष की प्राप्ति होती है।
संकल्प की पूर्णता: शिवरात्रि पर अभिमंत्रित रुद्राक्ष जीवन के कठिन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होता है।
रुद्राक्ष आस्था और विज्ञान का अद्भुत मेल है। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर विधि-विधान से शिव को अर्पित रुद्राक्ष धारण करना जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के नए द्वार खोलता है।

भवदीय
ब्रह्मचारी मधुसूदन पांडेय
श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर सुभाष चौक सरकंडा बिलासपुर छत्तीसगढ़
मो.- 7354678899

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