आधुनिक कृषि की ओर कदम: गेहूं फसल में ड्रोन द्वारा उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन

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बिलासपुर/कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर एवं इफको के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10.02.2026 को ग्राम हरदीकला टोना में ड्रोन तकनीक से गेहूँ फसल में 19:19:19 उर्वरक के छिड़काव का प्रदर्शन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। विदित होवे कि कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर द्वारा रबी 2026 में ग्राम हरदीकलाटोना में 23 किसानों के यहां 25 एकड़ में गेहूँ फसल का अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया है। प्रदर्शन के अंतर्गत किसानों को गेहूँ  की उन्नत किस्म, अधिक उत्पादन क्षमता वाली एवं बायोफोर्टिफाईड (उच्च जिंक एवं उच्च प्रोटीन वाली) “पूसा तेजस” का चयन किया गया है। किसानों को गेहूं की उन्नत उत्पादन तकनीक जैसे सीड ड्रिल से कतार एवं क्रिस-क्रास बोआई, बीजों को कन्सोशिया से उपचार, अधिक बीज दर 125 किग्रा/हे. एवं संतुलित खाद एवं जल प्रबंधन की तकनीक का प्रदर्शन आयोजित किया गया है। अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन की इसी कड़ी में ड्रोन तकनीक द्वारा गेहूँ फसल में 19:19:19 उर्वरक एवं इफको द्वारा निर्मित नैनो डीएपी का पर्णीय छिड़काव का प्रदर्शन आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर के विषय वस्तु विशेषज्ञों द्वारा ड्रोन संचालन की तकनीक, गेहूं में उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जल प्रबंधन, खरपतवार प्रबंधन एवं कीट व्याधि प्रबंधन के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने ड्रोन तकनीक के उपयोग से कम समय में सटीक एवं एकसमान रासायनिक उर्वरकों एवं दवाइयों के छिड़काव की जानकारी दी। ड्रोन तकनीक के उपयोग से श्रम लागत की कमी एवं समय व धन की बचत होती है, इसकी जानकारी कृषकों को दी गई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. गीत शर्मा, डॉ. शिल्पा कौशिक, जयंत साहू, डॉ. एकता ताम्रकार एवं इंजी. पंकज मिंज उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक नवीन तिवारी, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं ग्राम के कई किसान शामिल हुए। कृषकों ने तकनीक की सराहना करते हुए भविष्य में इसे अपनाने की इच्छा व्यक्त की।

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