छात्रों ने लिया नशा मुक्ति की शपथ, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की पहल
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने एवं समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से जन-जागरूकता अभियान एवं नशा मुक्ति शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में दिनांक 2 जनवरी 2026 को आयोजित NCORD की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक/वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी एवं संयोजक अजीत विलियम्स द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य को नष्ट कर देता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर डॉ. दीपक श्रीवास्तव, सहायक प्राध्यापक (कृषि विस्तार) ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और राष्ट्र के विकास में बाधक है। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग यदि जागरूक और अनुशासित रहेगा, तभी एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. एन. के. चौरे, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा— “नशे को ‘ना’ और जीवन को ‘हाँ’ कहना ही सच्ची प्रगति का मार्ग है। विद्यार्थी जीवन अनुशासन, संयम और सकारात्मक सोच का समय होता है। नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि करियर और पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित करता है।” उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाकर समाज के लिए उदाहरण बनें।
नशा मुक्ति महा अभियान के अंतर्गत छात्र राजप्रताप सिंह भदौरिया एवं कन्हैया पाचार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशा युवाओं को लक्ष्य से भटकाता है और आत्मविश्वास को कमजोर करता है। उन्होंने सभी छात्रों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. एन. के. चौरे द्वारा समस्त छात्र-छात्राओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई, जिसमें सभी ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नैतिक मूल्यों का विकास कर उन्हें सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक बनाना रहा, जिसमें सभी की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।
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