उद्यानिकी महाविद्यालय एवं शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में मना संयुक्त रूप से गणतंत्र दिवस
सिलफिली।महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग के अंतर्गत संचालित उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, सिलफिली के अधिष्ठाता डॉ. रविन्द्र तिग्गा एवं शासकीय महाविद्यालय सिलफिली के प्राचार्य अमित सिंह बनाफर के सफल मार्गदर्शन में संयुक्त रूप से 77 वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत गरिमामय एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस गौरवशाली अवसर पर सभी सम्माननीय अतिथियों की उपस्थिति में राष्ट्रध्वज तिरंगा पूरे सम्मान और गर्व के साथ फहराया गया।ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का सामूहिक रूप से गायन किया गया। राष्ट्रगीत का गायन भारत की सांस्कृतिक विरासत, अखंडता एवं विविधता में एकता के भाव को अभिव्यक्त करता है तथा नागरिकों में राष्ट्र के प्रति समर्पण और सम्मान की भावना को जागृत करता है। राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के पश्चात यह समारोह अनुशासित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें देशप्रेम और राष्ट्रीय गौरव की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शासकीय महाविद्यालय सिलफिली के प्राचार्य श्री अमित सिंह बनाफर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी नागरिक अपने मौलिक अधिकारों के प्रति तो सजग रहते ही हैं, परंतु साथ ही यह अत्यंत आवश्यक है कि हम अपने मौलिक कर्तव्यों का भी निरंतर स्मरण करें एवं उनका ईमानदारी से पालन करें। उन्होंने कहा कि अधिकारों और कर्तव्यों के संतुलन से ही एक सशक्त, अनुशासित एवं समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है।
उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, सिलफिली के अधिष्ठाता डॉ. रविन्द्र तिग्गा ने गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए राष्ट्रनिर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि देश की प्रगति केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के व्यक्तिगत, नैतिक एवं सक्रिय योगदान से संभव होती है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित में सकारात्मक सोच, कर्मठता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अजय कुमार तिवारी ने भी अपने विचार साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार हम अपने दैनिक जीवन में कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन कर अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन, परिश्रम, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नैतिक मूल्यों का पालन ही एक मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है।
अंत में सभी उपस्थितजनों ने संविधान के आदर्शों एवं मूल्यों के प्रति निष्ठा व्यक्त करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सतत प्रगति के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया। इस राष्ट्रीय पर्व में दोनों महाविद्यालयों के सहायक प्राध्यापकगण – श्रीमती अंजना, डॉ. अजय कुमार तिवारी, आशीष कौशिक, डॉ. राहुल कुमार गुप्ता, डॉ. रोमिला खेस्स, डॉ. शुभी सिंह, डॉ. ममता पैकरा, डॉ. विवेक कुमार सांडिल्य एवं जफीर के साथ-साथ संपूर्ण कार्यालयीन स्टाफगण एवं छात्र-छात्राओं की भारी संख्या ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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