राष्ट्रीय खेल दिवस और राष्ट्रीय खेल नीति 2025

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प्रस्तावना: भारत में खेल और शारीरिक गतिविधियों को समाज और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। खेल न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रप्रेम जैसी मान्यताओं को भी मजबूत करते हैं। इसी महत्व को रेखांकित करने के लिए भारत में हर वर्ष 29 अगस्त को “राष्ट्रीय खेल दिवस” मनाया जाता है। यह दिन महान हॉकी खिलाड़ी मेज़र ध्यानचंद की जयंती पर समर्पित है। वहीं, खेलों के विकास, प्रोत्साहन और प्रबंधन हेतु राष्ट्रीय खेल नीति तैयार की गई है, जो खेलों के लिए दिशा और दृष्टिकोण प्रदान करती है।

राष्ट्रीय खेल दिवस:

1. महत्व और इतिहास:
राष्ट्रीय खेल दिवस का उद्देश्य खेलों के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है।

29 अगस्त को चुना गया क्योंकि यह हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जन्मतिथि है, जिन्होंने भारत को तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

इस दिन खिलाड़ियों को खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।

2. उद्देश्य:
खेलों के प्रति युवाओं में रुचि बढ़ाना।

फिटनेस और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना।

खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मानित कर उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देना।

राष्ट्रीय खेल नीति:

1. परिचय:
पहली बार भारत में खेल नीति 1984 में बनी, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया।

नवीनतम खेल नीति का उद्देश्य खेलों को पेशेवर स्तर पर बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करना है

2. मुख्य उद्देश्य:

खेल अवसंरचना का विकास (स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र)।

प्रतिभा की पहचान और प्रशिक्षण।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खेलों का समान विकास।

खिलाड़ियों को आर्थिक और तकनीकी सहायता।

शारीरिक शिक्षा को पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाना।

3. राष्ट्रीय खेल नीति 2001 और वर्तमान दृष्टिकोण:

प्रतिभा खोज और नर्सरी स्तर पर प्रशिक्षण।

खेल और शिक्षा का संतुलन।

फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम (TOPS) जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन।

महिला खिलाड़ियों, विकलांग खिलाड़ियों और पिछड़े वर्गों के खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन।

निष्कर्ष:

राष्ट्रीय खेल दिवस और राष्ट्रीय खेल नीति दोनों का उद्देश्य खेलों को राष्ट्रीय जीवन का अभिन्न अंग बनाना है। जहां राष्ट्रीय खेल दिवस हमें महान खिलाड़ियों की प्रेरणा देता है, वहीं राष्ट्रीय खेल नीति खेल प्रतिभाओं को सही दिशा में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन करती है। खेल न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति, स्वास्थ्य और एकता के लिए आवश्यक हैं।

डॉ जय शंकर यादव
संचालक
शारीरिक शिक्षा डॉ सीवी रमन
विश्व विद्यालय कोटा, बिलासपुर छग

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