पानी के अभाव में खेतों में दरार:किसान परेशान अब खरपतवार भी बढ़ जाएंगे

3

बिलासपुर/ मानसूनी बारिश की गति अब चिंता में डालने लगी है। खेतों से गायब होती नमी को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। वर्षा जल पर निर्भर किसानों से कहा जा रहा है कि अल्प या अति वर्षा जैसी स्थितियों से फसलों को बचाने के लिए आकस्मिक कार्य योजना पर काम करें, ताकि नुकसान का प्रतिशत कम किया जा सके।  कम या मध्यम अवधि में तैयार होने वाली प्रजाति और दक्ष सिंचाई विधि। यह उस आकस्मिक कार्य योजना के महत्वपूर्ण अंग है, जिस पर अमल किया जाना जरूरी है। दरअसल स्थिति इसलिए नाजुक बन रही है क्योंकि बड़े रकबे में देर से तैयार होने वाली धान की बोनी की खबर है। चिंता की दूसरी बड़ी वजह यह भी है क्योंकि मौसम का साथ खरपतवार को मिल रहा है। यह स्थिति नुकसान का दायरा बढ़ा सकती है।

अनुकूल है मौसम इनके लिए
खरपतवार। मौसम का पूरा साथ मिल रहा है। सतर्क रहना होगा और शाकनाशी प्रबंधन भी फौरन करने होंगे क्योंकि यह तेजी से फैलाव लेते हैं और मुख्य फसल की बढ़वार को प्रभावित करते हैं। इसलिए निगरानी बढ़ानी होगी और कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग से संपर्क करना होगा, ताकि समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।
यह है आकस्मिक कार्य योजना
असामान्य मानसून की स्थितियों से बचाव के लिए बनाई गई आकस्मिक कार्य योजना में उत्पादकता का स्तर बनाए रखने के लिए सुझाव दिए गए हैं। इसमें सूखा की स्थितियों में स्प्रिंकलर, ड्रिप इरीगेशन और जल संरक्षण पर गंभीरता के साथ काम करने की सलाह दी जाती है। अति बारिश की स्थिति में जल निकास प्रणाली को मजबूत बनाने का सुझाव है। दोनों ही स्थितियों में शीघ्र तैयार होने वाली प्रजाति की बोनी अहम है।
खरपतवार प्रबंधन जरुरी
यह सही है कि खेतों में आवश्यक नमी की मात्रा कम हो रही है। जरुरी तैयारी के बीच खरपतवार प्रबंधन के उपाय फौरन करने होंगे क्योंकि मौसम का पूरा साथ मिल रहा है।
– डॉ.एस.आर.पटेल, रिटायर्ड साइंटिस्ट, एग्रोनॉमी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर

About The Author

3 thoughts on “पानी के अभाव में खेतों में दरार:किसान परेशान अब खरपतवार भी बढ़ जाएंगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed