बिलासपुर के बच्चों सहित 11 सदस्य 40 दिन से फंसे हैं त्रिवेन्द्रम में : तीन परिवार गये थे धार्मिक यात्रा पर

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भुवन वर्मा, बिलासपुर 25 अप्रैल 2020

बिलासपुर। करोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण व रोकथाम के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से शहर के साहू, तिवारी और गुप्ता परिवार के 11 सदस्य एक माह से अधिक समय से केरल राज्य की राजधानी त्रिवेंद्रम शहर में फंसे हुए हैं। इनमें तीन बच्चें भी शामिल है। उन्होंने छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेंश बघेल, सांसद अरूण साव व विधायक से मदद की गुहार लगाई है। 

करीब डेढ माह पहले तिवारी परिवार के सदस्यों के अलावा दो और परिवार एकसाथ चारधाम की यात्रा पर बिलासपुर से रवाना हुए थे। सबसे पहले ये सभी मल्लिकार्जुन पहुंचे। दर्शन के बाद बालाजी के लिए रवाना हुए। बालाजी से रामेश्वरम होते हुए मदुरै से त्रिवेंद्रम पहुंचे। यहां परिवार के सभी सदस्य एक होटल पहुंचकर रात्रि विश्राम किया। दूसरे दिन शहर और आसपास के तीर्थ स्थल की यात्रा की। तीसरे दिन गुजरात द्वारिकाधीश के लिए रवाना होने वाले थे। होटल के कमरे में जब आराम कर रहे थे तब टीवी में समाचार देखा। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के कारण एहतियात के तौर पर सभी को सुरक्षित रहने की अपील प्रसारित हो रही थी। स्थानीय प्रशासन भी पर्यटकों को जितनी जल्दी हो सके अपने घरोें के लिए रवाना होने हिदायत भी दे रहे थे। आनन-फानन इन लोगों ने भी ट्रेन में अपनी टिकट बुक कराई। आरक्षण कंफर्म भी हो गया। दूसरे दिन सुबह छह बजे की ट्रेन से रवाना होने वाले थे। रातभर सामान पैक कर थोड़ा आराम किए और सुबह जल्दी उठकर सामान के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां पहुंचते ही पता चला कि ट्रेन रद्द हो गई है। 31 मार्च तक ट्रेनें रद्द रहेंगी। 

दूसरे दिन तय हुआ कि हवाई मार्ग से रवाना होंगे। टिकट के लिए जैसे ही एयरपोर्ट पहुंचे पता चला हवाई यात्रा भी रद्द कर दी गई है। वापस होटल में आ गए। सभी लोग त्रिवेंद्रम के ओम टूरिज्म होम में ठहरे हुए है। इन सभी को एतिहात के तौर पर 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा गया था। शुरूवाती दिनों में इनके सामने सबसे बड़ी दिक्कत भाषा और भोजन की थी। किसी तरह से नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, बिलासपुर के कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव, प्रमोद नायक और समाजसेवी मुकेश साहू से संपर्क कर अपने दिक्कतों को रखें। इनकी मदद से त्रिवेंद्रम के कांग्रेसजनों ने उनसे संपर्क कर भोजन व्यवस्था के  लिए सिलेंडर व राशन दिये। वापसी के लिए लगातार प्रयासरत है, स्थानीय प्रशासन लगातार इनके संपर्क में है। ये शहर वापस लौटना चाहते हैं। लेकिन कहीं से भी कोई विकल्प नहीं दिख रहा है। लाॅकडाउन के 3 मई को समाप्त होने के बाद वापसी की उम्मीद है, लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए फिलहाल ट्रेनों का परिचालन 3 मई के बाद भी शुरू होने की उम्मीद कम है। ऐसे में इनकी चिंता और बढ़ गईं हैं। इन लोगों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद अरूण साव व विधायकों एवं प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। 

ये हैं 11 सदस्य – (1) सुनील साहू (9630339771) उम्र 37 साल, (2) मंजू साहू उम्र 34 साल, (3)  प्रतिष्ठा साहू उम्र 10 साल, (4) युवराज साहू उम्र 02 साल, (5) बैदेही शर्मा उम्र 60 साल, (6) शिल्पा तिवारी उम्र 37 साल,  (7) रोली तिवारी उम्र 11 साल,  (8) कौशल किशोर गुप्ता उम्र 40 साल, (9) संतोष गुप्ता उम्र 60 साल, (10) विद्या बाई गुप्ता उम्र 55 साल, (11) लीला बाई यादव उम्र 65 साल।

केरल में 448 केस – देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है. हर रोज कोरोना के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. इस महामारी की चपेट में 24 हजार 500 से ज्यादा लोग आ चुके हैं, जबकि 775 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में केरल भी एक हैं। केरल में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 448 है। इस महामारी ने यहां पर 3 लोगों की जान ले ली है। 

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