भुवन वर्मा, बिलासपुर 29 फरवरी 2020

बिलासपुर। गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के आने से विश्वविद्यालय को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

यह बात विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता ने शनिवार को पत्रकारों को दी। प्रो. गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रपति का किसी भी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होना ऐतिहासिक अवसर होता है। विश्वविद्यालय के इतिहास में इस दिन को जाना जायेगा। विश्वविद्यालय को जब केन्द्रीय दर्जा मिला तो यहां सिर्फ 2500 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे थे। आज यहां आठ हजार विद्यार्थी हैं। आने वाले दो साल के भीतर इसकी संख्या 11 हजार 500 तक पहुंच जाने की संभावना है। राष्ट्रपति, जो केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष भी हैं, उनके आने से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में और विस्तार होगा।

दो मार्च को आयोजित हो रहे अष्ठम दीक्षांत समारोह के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए प्रो. गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय के 72 छात्रों में से सिर्फ 10 को राष्ट्रपति के हाथों से गोल्ड मेडल दिया जा सकेगा, क्योंकि राष्ट्रपति सचिवालय से यही गाइडलाइन दी गई है। इससे छात्रों में नाराजगी है तो हमें भी मायूसी है किन्तु हमारा प्रयास होगा कि निर्धारित 10 मिनट के समय में अधिक छात्रों को उनके हाथों से मेडल मिल सके। हालांकि सभी गोल्ड धारकों को राष्ट्रपति के साथ ग्रुप फोटोग्राफ खिंचवाने का मौका मिलेगा। अन्य गोल्ड मेडल और उपाधि पत्र कुलाधिपति के हाथों छात्रों को वितरित किये जायेंगे।  कार्यक्रम सुबह 10 बजे प्रारंभ होगा जो एक घंटे से कुछ अधिक समय तक चलेगा।

प्रो. गुप्ता ने बताया कि तय गाइडलाइन के मुताबिक मंच पर राष्ट्रपति के साथ मंच पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कुलाधिपति व कुलपति को ही बैठने का अवसर मिलेगा। हालांकि प्रदेश के सभी सांसदों और विधायकों को कार्यक्रम में निमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में दो से ढाई हजार लोगों के पंहुचने की संभावना है, जिसके  लिए एक विशाल वाटर, फायर प्रूफ पंडाल बनाया गया है।

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न विद्यापीठों के 74 स्वर्ण मंडित पदक दिये जायेंगे। संगणकीय विज्ञान विभाग की छात्रा क्वीनी यादव को शिक्षण विभागों में संचालित 94.09 प्रतिशत अंक हासिल किया  है,  इन्हें गुरु घासीदास पदक से सम्मानित किया जायेगा। विधि विभाग के छात्र शैलेष कुमार पांडेय को कुलाधिपति स्वर्ण पदक पहली बार प्रदान किया जायेगा। इसके अलावा स्नातक के 1258 तथा स्नातकोत्तर के 794 पत्रोपाधि भी प्रदान किये जायेंगे। समारोह में 75 पीएचडी उपाधियां प्रदान की जायेगी। इसके अलावा सात विशेष पदक प्रदान किये जायेंगे।

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