आचार्य एडीएन वाजपेई कुलपति – राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद् के बने पुनः अध्यक्ष

भुवन वर्मा बिलासपुर 18 अक्टूबर 2022

नई दिल्ली । राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद् की 5 वी बैठक न ई दिल्ली में 15 और 16 अक्टूबर को सम्पन्न हुआ जिसमें भारतवर्ष के 200 से अधिक श्रेष्ठ समाज वैज्ञानिक एवं विद्वानों का समागम हुआ इस अधिवेशन में प्रमुख रूप से केन्द्रीय विश्वविद्यालय उड़ीसा के कुलाधिपति प्रोफेसर पीवी कृष्ण भट्ट, दिल्ली विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के पूर्व आचार्य, प्रसिद्ध समाजसेवी, सहयोग परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आफिसर राजकुमार भाटिया, प्रख्यात दार्शनिक और चिंतक मुकुल कानिटकर, राज्य सभा सदस्य और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रख्यात संस्कृत के विद्वान शतावधानी गणेश, और बलराम शुक्ल,दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शांति धुलिपुडी पंडित, , राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय संस्थान की निर्देशक प्रोफेसर सरोज शर्मा, बैंगलुरू स्थित राष्ट्रीय विश्व विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एन आर भानुमति, शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विधुत चक्रवर्ती, अजमेर विश्व विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ला, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ और बाबा साहेब अंबेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के पूर्व कुलपति इंडियन साइंस कांग्रेस के जनरल प्रेसिडेंट प्रोफेसर आर,बी सोबती, एआईसीटीई के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल सहस्त्रबुद्धे आदि उपस्थित हूए इस अधिवेशन के मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के सम्माननीय कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह थे।इस दो दिवसीय अधिवेशन को प्रमुख रूप से 5 विषयों में आवंटित किया गया जिसमें अर्थशास्त्र, राजनीति, समाजशास्त्र, इतिहास, दर्शन से संबंधित भारतीय ज्ञान परम्परा पर विद्वान लोग शोध पत्र प्रस्तुत कर व्यापक चर्चा किए।

इस अधिवेशन में भारतीय ज्ञान परम्परा को किस प्रकार आगे बढ़ाते हुए भारत को विश्व गुरु कैसे बनाया जाए इस पर चिंतन किया गया।इसी अधिवेशन में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय आदिवासी विश्व विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी जी ने आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेई माननीय कुलपति अटल बिहारी वाजपेई विश्व विद्यालय बिलासपुर और अध्यक्ष राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद् को पुनः अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे परिषद के, समस्त सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।साथ ही राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद् की आगामी बैठक 2023 में छत्तीसगढ़ प्रदेश में आयोजित करने की भी सहमति बनी जिसे कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेई जी ने सहर्ष स्वीकार किया।

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