दुर्ग अम्बिकापुर एक्सप्रेस वल्द बैलगाड़ी : घंटो लेट पहुचती है गंतब्य को – लोगो के लिए बनी आफत
दुर्ग अम्बिकापुर एक्सप्रेस वल्द बैलगाड़ी : घंटो लेट पहुचती है गंतब्य को – लोगो के लिए बनी आफत
भुवन वर्मा बिलासपुर 12 अगस्त 2022

बिलासपुर। सरगुजिहा जीवन रेखा दुर्ग अम्बिकापुर एक्सप्रेस इन दिनों अपने लेटलतीफी के कारण चर्चा में बनी हुई है,,इस ट्रेन में सफर करना यानी मजबूरी का नाम,,,,,,,हो गया है। रोज रोज की लेटलतीफी के कारण इस ट्रेन में यात्रा करने वाले लोग काफी परेशान रहते है। अपने निर्धारित समय मे उसलापुर से छूटने के बाद भी घंटो लेट अम्बिकापुर पहुँच रही है। न्यायधानी राजधानी सहित दुर्ग जैसे शहरों को जोड़ने वाली एकमात्र ट्रैन के घंटो लेटलतीफी लोगो के लिए आफत बन गई है। कई लोगो को काम धाम प्रभावित हो रहा है। विशेष कोई कारण नही होने के बाद लेट रहना, समझ से परे है। इधर अम्बिकापुर पहुचने के बाद उसी ट्रेन को शहडोल के लिए चलाया जा रहा है। लेट के कारण वह भी प्रभावित हो रहा है। शहडोल के लिए लेट से रवाना होने के कारण लेट से वापसी भी लेट से हो रहा है। निर्धारित 10.30 को अम्बिकापुर से दुर्ग के लिए रवाना होने के समय से काफी लेट से अम्बिकापुर से ही छूट रही है जिसके कारण अनूपपुर, उसलापुर, रायपुर आदि महत्वपूर्ण स्टेशनों में घंटो लेट से पहुँच रही है। कोयला लदान के साथ साथ दर्जनों ट्रेनों के रद्द होने के कारण रैक खाली रहता है उसके बाद लेट लतीफी रेलवे के लापरवाही को उजागर करती है।
दिन में भी एक ट्रेन राजधानी के जरूरी
सरगुजिहा लोगो की बहुप्रतीक्षित मांग रही है कि दिन में भी राजधानी के लिए ट्रेन चलाया जाये। चुकीं सरगुजा ग्रामीण आदिवासी इलाक़ा है लोग अभी भी रात में सफर करना नही चाहते है। उनकी मांग है कि सुबह एक ट्रेन अम्बिकापुर से राजधानी के लिये होनी चाहिए जिससे वे दिन में हीं सफर कर सके। वही छोटे छोटे स्टेशनों में ठहराव होने पर ग्रामीण इलाकों के निवासियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
बर्थ के लिए रहती है मारामारी
स्लीपर सहित ऐसी कोचों में रायपुर, विलासपुर के लोगो को कन्फर्म टिकट नही मिल पाता है। हफ्ते भर पहले टिकट लेने पर भी वेटिंग टिकट मिलता है। हर समय दुर्ग अम्बिकापुर ट्रैन में सीट फुल रहता है। स्लीपर कोच बढ़ाये जाने की आवस्यकता है। एक मात्र ट्रैन होने के कारण कन्फर्म टिकट नही मिल पाता है। एक और ट्रेन दिन में चलाने से भीड़ से भी राहत मिल सकेगी।
कद्दावर मंत्रियों के बाद भी सुविधाविहीन रहा है सरगुजा
सरगुजा उत्तरी छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है यहाँ केंद्र और राज्य के नामी मंत्री निवास करते है, इसके बाद भी रेल सुविधाओ का टोंटा है। लम्बी दूरी की एक मात्र ट्रेन जो अभी अभी दिल्ली के लिए चालू हुई है । उसमें स्लीपर नही है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। रांची, कोलकाता सहित मुम्बई के लिए भी डारेक्ट ट्रैन की मांग वर्षो से पेंडिंग है। महानगरों से डायरेक्ट ट्रैन सुविधा होने पर सरगुजा का तेजी से विकास हो पायेगा।
- संतोष श्रीवास, बिलासपुर की रिपोर्ट 9098156126
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