सितंबर 2019 में किया था गठन क्वांटिफायबल डाटा आयोग का : कार्यकाल 8 वीं बार बढ़ाया – छबी राम पटेल अध्यक्ष का दावा 31 अगस्त 2022 तक संकलित डाटा सौप देंगे सरकार को

भुवन वर्मा बिलासपुर 11 अगस्त 2022

रायपुर। छत्तीसगढ़ क्वांटिफायबल डाटा आयोग का कार्यकाल 31 अगस्त 2022 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। यह लगातार आठवीं बार है जब आयोग का कार्यकाल बढ़ाया गया है। सरकार ने सितम्बर 2019 में इसका गठन किया था। इसको प्रदेश की जनसंख्या में से अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के गरीबों का सर्वे कर क्वांटिफायबल डाटा इकट्ठा करने का काम सौंपा गया था। इस तरह 8 बार कार्यकाल बढ़ाया गया है।

विदित हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ओबीसी आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% किया गया था । उक्त विधेयक को घोषणा के 6 माह के अंदर विधानसभा के अंदर सरकार को पारित कराना था जो नहीं हो पाया ।

अतः 27% आरक्षण वाली उक्त घोषणा स्वतः ही शून्य हो चुका है । सरकार की मंशा यहां पर समझ से परे है ।
क्वांटिफिएबल डाटा आयोग महज खानापूर्ति के लिए गठित आयोग है । जो अपने कार्यकाल के 8 बार बढ़ोतरी के बावजूद अभी भी आईसीयू में है ।शहरी क्षेत्र में सहित प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण गणना पर विश्वसनीय से वास्तविक गणना नहीं कहा जा सकता है ।

ओबीसी आरक्षण बढ़ाने की कवायद सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्गों का आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% कर दिया क्या था। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य श्रेणी के लोगों को भी 10% आरक्षण देना तय हुआ। इस पर सामान्य वर्ग के लोगों ने बिलासपुर हाईकोर्ट में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को चुनौती दी। अदालत ने इस आरक्षण के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। सरकार से वह आंकड़ा मांगा गया, जिससे पता चले कि जनसंख्या में इस वर्ग का अनुपात क्या है। इस सरकार ने क्वांटिफायबल डाटा आयोग का गठन कर आंकड़ा जुटाने की कवायद शुरू की है। सितंबर 2019 गठित किया आयोग स्नेह स्नेह आठ बार कार्यकाल को बढ़ाया गया अध्यक्ष का दावा है 31 अगस्त तक पूरी डाटा सरकार को सौंप देंगे।

स्टाफ विहीन आयोग,,,
ज्ञात ही की क्वांटीफायबल डाटा आयोग छत्तीसगढ़ के सम्पूर्ण जिले में ओबीसी की गणना कर रही है। उनकी अपने स्वयं के स्टाफ के अभाव में कोमा में चल रहा है । नगरी प्रशासन क्षेत्र के लोगों को अभी भी इस तरह की किसी गणना की जानकारी नहीं है हमारी टीम ने बिलासपुर नगर के अनेक ओबीसी वर्गों में लोगों से संपर्क कर इस तरह की
गणना की जानकारी चाही पर लोगो ने इस पर अनभिज्ञता जाहिर की ।

आयोग का 8 बार कार्यकाल बढ़ाया गया और अब तक कितनी डाटा प्रदेश में संकलित हो पाई है। इस पर पर आयोग के अध्यक्ष छबीराम पटेल एवं सचिव साहू से चर्चा की गई जिन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिए ।

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