हरियाणा, झारखंड की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी रेत , मुरूम खनन गैंग का आतंक जोरों पर : यहां भी माफिया सरगना के आगे पूरा प्रशासन नतमस्तक – कोरबा सीतामढ़ी घाट से ताला सहित सील बैरियर को भी ले गए माफिया

3
IMG-20220720-WA0015

हरियाणा, झारखंड की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी रेत , मुरूम खनन गैंग का आतंक जोरों पर : यहां भी माफिया सरगना के आगे पूरा प्रशासन नतमस्तक – कोरबा सीतामढ़ी घाट से ताला सहित सील बैरियर को भी ले गए माफिया

भुवन वर्मा बिलासपुर 21 जुलाई 2022

कोरबा । खनन माफियाओं के सामने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की नहीं चलती है ऊपर से नीचे सब का हिस्सा बंधा हुआ होता है । हरियाणा, झारखंड की तरह छत्तीसगढ़ में भी रेत , मुरूम खनन गैंग का आतंक जोरों पर है। यहां भी माफिया सरगना के आगे पूरा प्रशासन नतमस्तक है। यहां छत्तीसगढ़ में भी इंतजार है, किसी बड़ी घटना का जिससे जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी जागे। कोरबा के सीतामढ़ी रेत घाट में हो रहा है मिट्टी और रेत का उत्खनन माफिया बैरियर को तोड़ चोरी कर रहे हैं । यहां मोती सागर पारा स्थित रेत घाट है जिस पर प्रशासन ने जून से प्रतिबंध लगा दिया था । शासन ने बकायदा वहां लगे बैरियर पर सील के साथ ताला भी जड़ दिया गया । लेकिन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि प्रशासन के लगे सील मोहर को तोड़कर अवैध उत्खनन जोरों पर किया जा रहा है रात के 1:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक गाड़ियों का काफिला रोड पर नजर आता है ।इसके बाद अवैध मिट्टी का उत्खनन सीतामढ़ी से लगे कुछ ही दूरी से चालू हो जाता है । प्रशासन की कार्यवाही इतनी ढीली है कि दिनदहाड़े यह खेल खेला जा रहा है ।

हल्ला होने व खबर लगने के तत्पश्चात प्रशासन जागकर कुछ गाड़ियों पर कार्यवाही कर खानापूर्ति करता है । इसके बाद यहा अवैध काम फिर जोरों पर चालू हो जाता है ।
हरियाणा झारखंड यूपी बिहार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी खनन माफियाओं का अपने एक सिंडिकेट है। जिसके सामने सफेदपोश, प्रशासनिक अधिकारियो का नेटवर्क में सभी मिल जुलकर सहभागी दार होते हैं ।

About The Author

3 thoughts on “हरियाणा, झारखंड की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी रेत , मुरूम खनन गैंग का आतंक जोरों पर : यहां भी माफिया सरगना के आगे पूरा प्रशासन नतमस्तक – कोरबा सीतामढ़ी घाट से ताला सहित सील बैरियर को भी ले गए माफिया

  1. Halfway through I knew I would finish the post, and a stop at firstisnotequallast also held me through to the end, content that signals its quality early and then sustains it is content with real internal consistency and this site has clearly figured out how to maintain quality from opening sentence through to closing thought.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed