• आखिर क्यों स्पेशलिस्ट डॉक्टर सिम्स मे नहीं देना चाहते सेवायें..? मात्र 8 डॉक्टर के भरोसे प्रतिदिन 12 सौ ओपीडी व 6 सौ भर्ती मरीज : कैसे होगा सिम्स में बेहतर उपचार

भुवन वर्मा बिलासपुर 5 अक्टूबर 2021

  • बिलासपुर । सिम्स में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के 19 पद हैं, लेकिन यहां अभी 11 डॉ की नियुक्ति की गई है । इसमें से भी 3 डॉक्टरों को प्रशासनिक कार्य याने बाबू गिरी में लगा दिया गया है । यानी, सिम्स की ओपीडी में आने वाले 1200 से 1300 लोगों और वार्डों में भर्ती लगभग 600 मरीज मात्र 8 स्पेशलिस्ट के भरोसे हैं । स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की आभाव की वजह से मरीजों का इलाज रोज प्रभावित हो रहा है।

विदित हो कि छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में रोजाना करीब 1200 मरीज ओपीडी में अलग-अलग वार्डों हजारों लोगों का इलाज बिना जांच मशीन व बिना विशेषज्ञ डॉक्टर के राम भारोसे होता है । इसके अलावा एमबीबीएस की 180 सीट और पीजी के छात्रों को भी पढ़ाना है. शासन द्वारा सिम्स में 350 बिस्तरों के अनुसार 19 विशेषज्ञ डॉक्टरों का सेटअप है.

लेकिन मात्र 11 विशेषज्ञ ही कार्यरत हैं.
काफी प्रयासों के बावजूद कोई विशेषज्ञ डॉक्टर सिम्स में नौकरी नहीं करना चाहता इन्हीं हालात में मनोरोग सर्जरी और ईएनटी विभाग के तीन स्पेशलिस्ट में प्रशासनिक कार्य में लगाया गया है या यू कहे स्पेशलिस्ट डॉक्टर अपना काम नहीं कर रहे हैं । इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है गंभीर मरीजों को सिम्स छोड़कर निजी अस्पतालों के शरण में जाना पड़ता है ।


वर्तमान में होना चहिए 38 स्पेशलिस्ट हैं पदस्थ हैं केवल 8 डॉक्टर….

सिम्स की स्थापना के समय 350 बिस्तरों के अनुसार 19 विशेषज्ञ डॉक्टरों का सेटअप था । समय के साथ बिस्तरों की संख्या 600 से अधिक हो चुकी है । ऐसे में अब 38 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की जरूरत है. लेकिन वर्तमान में मरीजों का इलाज सिर्फ 8 विशेषज्ञ ही कर रहे हैं.
दूसरे जिलों के मेडिकल कालेज हॉस्पिटल से सिम्स की हालत ज्यादा दयनीय ..

प्रदेश के दूसरे मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले सिम्स की हालत अधिक दयनीय है. गरियाबंद, दुर्ग, रायपुर में बिलासपुर से ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद है. हालांकि बिलासपुर के मुकाबले बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जैसे कई ऐसे जिला अस्पताल भी हैं, जहां एक भी विशेषज्ञ नहीं है. ।….

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