छोटा कानपुर बन चुका बिलासपुर का मिनीमाता बस्ती नशीली दवा व ड्रग का प्रमुख केंद्र : सिविल लाइन थाना में ही है जयचंद , इनके शह और मात पर होता रहा है लाखों के नशे का कारोबार
भुवन वर्मा बिलासपुर 28 जुलाई 2020

बिलासपुर। छोटा कानपुर बन चुका बिलासपुर का मिनीमाता बस्ती नशीली दवा के धंधे का मुख्य अड्डा बंदूक व हथियारों से लैस होकर गुंडागर्दी करते हुए । आम लोगों पर जानलेवा हमला करना वहां के आदतन गुंडों की आम बात हो गई है ।
टीआई सुरेंद्र स्वर्णकार की सक्रियता से बरसों बाद सिविल लाइन थाना जागा है। ज्ञात हो कि नशीली दवा के धंधे का विरोध करने पर किशोर पर जानलेवा हमले के आरोपी को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया है ।इससे पहले पुलिस ने युवकों का मोहल्ले में परेड कराया स्थानीय लोग इसे अपराधियो की बारात भी रहे थे । सिविल लाइन क्षेत्र की मिली बस्ती में शनिवार रात की नशीली दवा के व्यापार की शिकायत पर खूब हंगामा हुआ था । इस दौरान संजीव टंडन, धर्मेंद्र केंदले
विकास उर्फ बीकू को पकड़ने गई पुलिस से ही आरोपी हुज्जत की तथा गोली मारने की धमकी दी थी ।

सिविल लाइन थाना में ही है मुखबीर,,
कानपुर के विकास दुबे को पुलिस द्वारा मुखबिर बनकर सूचना देने का मामला हम सब ने देखा जाना और समझा था ।ऐसा ही इस मामले में भी होता आ रहा है । लोगों का आरोप है सिविल लाइन थाने में कुछ ऐसे पुलिसकर्मी है ,जो वर्षों से जमे हुए हैं । जिनका मिनी बस्ती के अपराधियों से हफ्ता बंधा हुआ है । जो पुलिस विभाग पर एक धब्बा की तरह वर्षों से मलाई मारते हुए जमे है । नाइट्रा,ड्रग का कारोबार शहर के मध्य मिनी बस्ती स्लम एरिया में कैसे फल फूल रहा है । शासन और प्रशासन की नाक के नीचे हो रही लाखो के खेल का कारोबरा मिली भगत बिना संभव नही है । वर्षों से कारोबार में अपनी सहभागिता दर्ज करते आ रहे हैं । इसके पहले आनेको बार इन्ही गिरोह पर अपराध भी दर्ज हुआ कमजोर धारा के साथ जो कुछ दिनों बाद छोड़ दिया जाता रहा है ।
सिविल लाइन क्षेत्र के मिनी बस्ती को कानपुर बनने से बचाना होगा ,,
पुलिस प्रशासन को सिविल लाइन थाना में वर्षों से बैठे पुलिस वालों को निकाल बाहर करना होगा अन्यथा ये फिर साठगांठ कर नशे के कारोबार में हिस्सेदार बनकर शहर को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे ।
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