आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: प्रदेश के 17 अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग का छापा, रायपुर के 2 अस्पताल ‘डी-इंपैनल’
मुख्य बिंदु (Highlights):
NHA के निर्देश पर ‘वेरी हाई रिस्क’ वाले 17 अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की रेड।
फर्जी मरीज भर्ती करने और योजना के नाम पर कैश लेने जैसी गंभीर शिकायतें मिलीं।
रायपुर के मेडलाइफ और लोटस हॉस्पिटल पर गिरी गाज, आयुष्मान योजना से किए गए बाहर।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर समेत 7 जिलों के अस्पतालों के खंगाले गए दस्तावेज।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) के तहत मरीजों के इलाज में फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा ‘अति जोखिम’ (Very High Risk) की श्रेणी में रखे गए प्रदेश के 17 अस्पतालों में राज्य स्तरीय जांच दल ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों से मरीजों के इलाज से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
क्या थीं शिकायतें?
स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ अस्पताल आयुष्मान योजना का गलत फायदा उठा रहे हैं। इनमें फर्जी मरीजों को भर्ती दिखाना, इलाज के नाम पर हितग्राहियों से नकद (Cash) राशि वसूलना और पूरी तरह से स्वस्थ व्यक्ति को भी मरीज बताकर भर्ती कर लेना शामिल है। इन शिकायतों के आधार पर ही यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
रायपुर के दो अस्पतालों पर गिरी गाज
राज्य स्तरीय जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। 28 और 29 सितंबर को रायपुर स्थित मेडलाइफ हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल को आयुष्मान योजना से तत्काल प्रभाव से बाहर (डी-इंपैनल) कर दिया गया है।
किन जिलों के कितने अस्पताल जांच के दायरे में?
राज्य स्तरीय दल ने प्रदेश के कुल 7 जिलों के 17 अस्पतालों का निरीक्षण किया है:
रायपुर: 7 अस्पताल
बिलासपुर: 3 अस्पताल
दुर्ग: 2 अस्पताल
बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, कोंडागांव और कोरबा: 1-1 अस्पताल
इन अस्पतालों के खंगाले गए दस्तावेज:
रायपुर: श्री रावतपुरा सरकार हॉस्पिटल (SRIMSR), श्री महावीर हॉस्पिटल, एसके केयर हॉस्पिटल, विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और वरदान हॉस्पिटल (इसके अलावा कार्रवाई की जद में आए मेडलाइफ और लोटस हॉस्पिटल)।
बिलासपुर: अशोक प्रसूति मंदिर, केयर एन क्योर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम।
दुर्ग: श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, पल्स हॉस्पिटल।
अन्य जिले: बस्तर का एससीएच हॉस्पिटल, कबीरधाम का जय जगन्नाथ हेल्थकेयर, कोंडागांव का नेताम हॉस्पिटल एंड इनफर्टिलिटी सेंटर, कोरबा का हरि कृष्णा केयर हॉस्पिटल और सरगुजा का डीएचटी केयर हॉस्पिटल।
स्वास्थ्य मंत्री के सख्त निर्देश
प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को आयुष्मान योजना में हो रहे दावों और इलाज की प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग का स्पष्ट कहना है कि योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और पात्र हितग्राहियों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध कराना है। जब्त किए गए दस्तावेजों के विस्तृत परीक्षण के बाद अन्य दोषी अस्पतालों पर भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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