छत्तीसगढ़ के MBBS इंटर्न्स आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार का ऐलान

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत MBBS इंटर्नों (जूनियर डॉक्टर) ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर 5 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण हड़ताल और कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। इस संबंध में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA), छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर की ओर से अधिष्ठाता को औपचारिक सूचना पत्र सौंपा गया है। उनका कहना है कि उन्हें वर्तमान में प्रतिमाह केवल ₹15,900 स्टाइपेंड दिया जाता है, जबकि पड़ोसी राज्य ओडिशा सहित कई अन्य राज्यों में MBBS इंटर्न्स को ₹30,000 से ₹44,319 तक स्टाइपेंड मिल रहा है। उनका कहना है कि 24 से 36 घंटे तक की लगातार ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। इसलिए उनकी प्रमुख मांग है कि मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम ₹30,000 किया जाए।पत्र में इंटर्न्स द्वारा उल्लेख किया है कि इस मांग को लेकर वे पिछले कई महीनों से संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को लगातार ज्ञापन एवं आवेदन देते रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री और अन्य अधिकारियों से मुलाकात के दौरान उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन भी मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले शांतिपूर्ण तरीके से ब्लैक रिबन पहनकर विरोध प्रदर्शन और शांतिपूर्ण मार्च भी किया, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण अब उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा है। इंटर्नों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य मरीजों को परेशानी पहुंचाना नहीं है, लेकिन लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल के दौरान चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इसकी जिम्मेदारी शासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। इंटर्नों ने शासन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर स्टाइपेंड में वृद्धि करने की मांग की है, ताकि आंदोलन समाप्त कर सामान्य कार्य सुचारु रूप से शुरू किया जा सके।

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