NCERT की किताब में क्लास 8 की ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ से जुड़े चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सरकार को न्यायपालिका पर पूरा सम्मान है और अदालत के निर्देशों का पालन किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि विवादित चैप्टर तैयार करने वालों की जिम्मेदारी तय होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
न्यायपालिका का सम्मान और पालन का आश्वासन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को कहा, हम न्यायपालिका का अत्यंत आदरपूर्वक सम्मान करते हैं. न्यायपालिका ने जो कहा है, उसका हम पूरा पालन करेंगे. जो भी हुआ, मैं उसके लिए अत्यंत दुखी हूं, और मैं उसके लिए खेद प्रकट करता हूं.
किताबें तुरंत वापस लेने का निर्देश
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब यह विषय उनके सामने आया तो उन्होंने तुरंत ही NCERT को निर्देश देकर सारी किताबों को विड्रॉ करवाया. शिक्षा मंत्री का कहना है कि इसके साथ ही यह निर्देश भी दिए गए हैं कि ये किताबें आगे न जा पाएं. न्यायपालिका का अपमान करने का कोई उद्देश्य नहीं था. जो घटना हुई है, उसको हम गंभीरता से लेते हैं.
जांच और कार्रवाई की बात
उन्होंने कहा कि इस मामले में NCERT के ऊपर इंक्वायरी की जाएगी. जो भी व्यक्ति उस चैप्टर को बनवाने में संलग्न हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आगे ये गलती न हो, इसके लिए हम न्यायपालिका को आश्वस्त करते हैं.
अध्याय पर उठी आपत्तियां
बता दें कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, यानी NCERT, ने 24 फरवरी को कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब जारी की थी. किताब के एक अध्याय में कुछ ऐसी बातें पाई गईं, जो ठीक नहीं मानी गईं. यह अध्याय ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ नाम से है और पृष्ठ 125 से 142 तक है. मामला सामने आने के बाद, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, ने तुरंत निर्देश दिया कि अगली सूचना तक इस किताब का वितरण रोक दिया जाए. परिषद ने आदेश मानते हुए किताब की आपूर्ति पर रोक लगा दी है. अध्याय में न्यायपालिका और न्याय व्यवस्था को लेकर विपरीत टिप्पणियां की गई थीं. इस अध्याय पर कई न्यायाधीशों समेत वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी.
NCERT ने मांगी माफी, किताब दोबारा लिखी जाएगी
वहीं, NCERT ने भी आधिकारिक तौर पर कहा कि वह न्यायपालिका का बहुत सम्मान करती है और उसे संविधान और लोगों के अधिकारों का रक्षक मानती है. परिषद के अनुसार जो गलती हुई है, वह अनजाने में हुई है. किसी भी संस्था की गरिमा कम करने का कोई इरादा नहीं था.
NCERT के मुताबिक, अब इस अध्याय को दोबारा लिखा जाएगा. नई किताब शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में विद्यार्थियों को मिल जाएगी. परिषद ने इस गलती पर खेद जताते हुए माफी भी मांगी है और कहा है कि आगे से ऐसी गलती न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा.