स्वदेशी जागरण मंच का जागरूकता रैली

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बिलासपुर। 11 फरवरी को स्वदेशी जागरण मंच बिलासपुर द्वाराअगामी आने वाले त्यौहार होली को लेकर स्वदेशी जागरुक रैली महामाया चौक से लेकर डॉक्टर खूबचंद बघेल चौक ,नूतन कालोनी तक निकाली गई। जिसमें लोगों से स्वदेशी वस्तुओं का ही उपयोग करने की अपील की गई कि गई जिसमें स्थानीय सभी दुकानों में जाकर स्वदेशी विदेशी का पर्चा देकर इस होली त्यौहार स्वदेशी वस्तुओं को प्रथमिकता देने की बात कहीं गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्वदेशी जागरण मंच के वरिष्ठ डॉक्टर प्रफुल्ल शर्मा, जिला प्रशिक्षक विवेक पांडे, जिला संयोजिका जिला श्रीमती लता गुप्ता, पुनम श्रीवास, अमित श्रीवास, मीना गोस्वामी, चंचल कुशवाहा, सुमन यादव, रोशनी यादव संस्कार सोनी, ममता यादव, संभाग प्रमुख डॉक्टर सुशील श्रीवास्तव, संभाग महिला प्रमुख श्रीमती नीता श्रीवास्तव, संभाग युवा आयाम प्रमुख डॉक्टर देवेन्द्र कौशिक, संभाग समन्व्यक भृगु अवस्थी, जिला संयोजक नारायण गोस्वामी, नगर संयोजिका सुमन द्विवेदी, नगर संयोजक धीरेन्द्र केसरवानी एव स्वदेशी जागरण मंच के अनेक स्वदेशी जागरण मंच के सदस्य गण उपस्थित थे ।

विदित हो कि स्वदेशी जागरण मंच का मुख्य उद्देश्य निम्नानुसार है।
स्वदेशी जागरण मंच (SJM) का मुख्य उद्देश्य भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, जिसके लिए यह स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, और उपभोक्तावाद (consumerism) व वैश्विक आर्थिक आधिपत्य (global economic domination) का विरोध करने के लिए जनता में जागरूकता फैलाता है, ताकि एक न्यायपूर्ण और संतुलित विश्व व्यवस्था स्थापित हो सके, जिसमें आर्थिक असमानता कम हो. यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों के माध्यम से स्वदेशी को जीवनशैली बनाने पर जोर देता है.

मुख्य उद्देश्य और कार्य:
आत्मनिर्भर भारत: देश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय उत्पादों को अपनाने पर जोर देना.
स्वदेशी को बढ़ावा: भारतीय उत्पादों के उपयोग और विदेशी उत्पादों के बहिष्कार के लिए जन-जागरण करना.
स्थानीय उद्योगों का समर्थन: छोटे और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो.
सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों की रक्षा: पश्चिमी प्रभाव और उपभोक्तावाद के बजाय भारतीय सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन शैली को बढ़ावा देना.
आर्थिक समानता: आय के स्रोतों के बंटवारे में समानता लाना और पूंजीवादी व्यवस्था की असमानता को कम करना.
नीति-निर्माण में भूमिका: नीति निर्माताओं और आम जनता के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करना और आर्थिक नीतियों को प्रभावित करना.
पर्यावरण संरक्षण: पेड़ों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन पर जोर देना.
संक्षेप में, SJM एक सशक्त आंदोलन के रूप में काम करता है जो भारत को आत्मनिर्भर बनाने और एक संतुलित, न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के निर्माण के लिए स्वदेशी, स्वावलंबन और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का आह्वान करता है.

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