दिव्य प्रतिभाओं का महाकुंभ बना पंडित देवकीनंदन ऑडिटोरियम : 200 से अधिक दिव्यांग व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों ने कला-संस्कृति से रचा इतिहास

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बिलासपुर। पंडित देवकीनंदन ऑडिटोरियम उस समय संवेदनाओं, प्रतिभा और आत्मबल का जीवंत मंच बन गया, जब भारत सरकार से पंजीकृत संस्था NHICF (न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन) द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय संगीत एवं कला कार्यशाला में दिव्यांग बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस एकदिवसीय कार्यशाला में 200 से अधिक दृष्टिबाधित, मूक-बधिर एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों ने यह सिद्ध कर दिया कि दिव्यांगता कमजोरी नहीं, बल्कि अद्भुत क्षमता का दूसरा नाम है।

कार्यक्रम की शुरुआत अंध एवं मूक-बधिर छात्रों द्वारा निदा फ़ाज़ली की ग़ज़ल “धूप तो होगी सफ़र में” की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई, जिसने सभागार को भावुक कर दिया। इसके पश्चात दिव्यांग छात्रा आरती नेताम ने हारमोनियम पर सधी हुई प्रस्तुति दी, वहीं टिकेश्वरी रजक ने देशभक्ति गीत “ऐ मेरे वतन के लोगों” गाकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

तिफरा मूक-बधिर विद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नशा मुक्ति पर आधारित दो प्रभावशाली प्रस्तुतियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

लवली एवं साथियों ने लावणी नृत्य के माध्यम से महाराष्ट्र की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की, जबकि सृष्टि साहू, स्नेहा, स्मिता व उषा ने भजन आधारित मराठी नृत्य से आध्यात्मिक वातावरण रच दिया।

कार्यक्रम में भारत की विविध संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली—
अंबिका पांडे ने गुजराती नृत्य,
सुरभि, साक्षी, आकांक्षा, रिया, खुशबू, मुस्कान व कनक ने छत्तीसगढ़ का पारंपरिक सुआ नृत्य,
अनन्या एवं साथियों ने जसगीत प्रस्तुत किया।
गीतांजलि, ज्योति, छानी, पीहू एवं कृतिका की प्रस्तुतियों को भी भरपूर सराहना मिली।

मास्टर तनिष्क वर्मा की ऑर्गन प्रस्तुति ने श्रोताओं को बांधे रखा, वहीं कार्यक्रम के समापन पर रायपुर की कथक नृत्यांगना ईशा गिरी की सशक्त कथक प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

नागपुर से पधारी प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना डॉ. तनुश्री चौहान ने न केवल आकर्षक प्रस्तुति दी, बल्कि बच्चों को कला से जुड़े उपयोगी टिप्स देकर उनका उत्साह भी बढ़ाया।

कार्यक्रम का सशक्त व प्रभावी मंच संचालन संयुक्ता परवीन ने किया, जिसके लिए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।

इस आयोजन में मुख्य अतिथि डॉ. विनय पाठक एवं अध्यक्षता डॉ. चंद्रभूषण बाजपेई ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व बीडीए अध्यक्ष अनिल टाह, प्रवीण झा, पंडित संजय दुबे उपस्थित रहे।कार्यक्रम में शिवसेना जिला अध्यक्ष रेवती यादव, शास्त्री शाला के प्राचार्य बी.के. चौकसे, महासचिव सुरेंद्र वर्मा तथा वरिष्ठ गायक कलाकार परमवीर मरहास को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के आयोजक पंकज खंडेलवाल एवं मयूरी खंडेलवाल ने बताया कि NHICF का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं दिव्यांग बच्चों को मंच, प्रशिक्षण और आत्मविश्वास प्रदान करना है, और भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समावेशी समाज, नशा मुक्ति, संवेदनशीलता और दिव्य प्रतिभाओं के सम्मान का सशक्त संदेश बनकर उभरा।

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