अब किसान देश भर में बेच सकते हैं अपनी उपज : प्रतिस्पर्धा के बीच खरीदी से किसानों को होगा सीधा फायदा, अध्यादेश का स्वागत किया दाल, चांवल, पोहा मिल एसोसिएशन ने
भुवन वर्मा बिलासपुर 21 जून 2020
भाटापारा/ किसानों को कृषि उपज बेचने को मिला देश का बाजार। बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा। मिलेगा किसानों को फायदा। जारी हुआ अध्यादेश। कृषि उपज मंडियों में कृषि उपज बेचने की बाध्यता से किसानों को मुक्त करने केंद्र के फैसले का राइस मिल, पोहा मिल और दाल मिल एसोसिएशन के साथ ट्रेडर्स एसोसिएशन ने स्वागत करते हुए कहा है कि नए नियम से कृषि क्षेत्र को आय का अवसर मिलेगा और मौका मिलेगा रोजगार के जरिए आय बढ़ाने का जिसकी आज किसानों को सबसे ज्यादा जरूरत है।
दाल- चावल पोहा मिल एसोसिएशन के साथ ट्रेडर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि अध्यादेश पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही है उससे बचा जाना चाहिए और ऐसा काम किया जाना चाहिए जिसके माध्यम से किसान हित को पहले क्रम पर रखा जाना सुनिश्चित हो सके। अध्यादेश में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी स्थिति में मंडी बंद नहीं होगी क्योंकि किसान के पास अब कृषि उपज मंडी के अलावा दूसरा विकल्प मिलने जा रहा है जिसके जरिए किसान को जहां ज्यादा कीमत मिल सकेगी और उसके पास अपनी उपज बेचने की स्वतंत्रता होगी। जाहिर है इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों को उसकी मेहनत का वाजिब प्रतिफल मिल सकेगा।

मिला विकल्प
समर्थन मूल्य पर खरीदी बंद होने के बाद किसानों के पास केवल कृषि उपज मंडी ही एकमात्र केंद्र था जहां उसे अपनी उपज बेचनी पड़ती थी। नए अध्यादेश से अब किसान को एक और बाजार मिलने जा रहा है जहां प्रतिस्पर्धा और उचित कीमत दोनों की सुविधा उसे मिलेगी। इस विकल्प के बाद किसान किसी भी पैन कार्ड धारी क्रेता या फर्म के पास अपनी उपज बेच सकेंगे। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि कृषि उपज मंडी बंद नहीं हो रही है जैसा कि प्रचारित किया जा रहा है।
खुला अंतरप्रांतीय कारोबार
5 जून को जारी केंद्र सरकार के इस अध्यादेश के बाद अब किसान छत्तीसगढ़ से बाहर अपनी कृषि उपज बेच सकेगा। पैन कार्ड की अनिवार्यता इसलिए लागू की गई है ताकि खरीददार क्रेता या फर्म की पूरी जानकारी लयंकिसानों के पास रहे। इसका लाभ यह होगा कि विवाद या भुगतान में विलंब की स्थिति में विक्रेता किसान को किसी किस्म का नुकसान ना हो। नए अध्यादेश के बाद छत्तीसगढ़ के किसान अपने ऊपज देश के किसी भी क्षेत्र के खरीददार को बेच सकेंगे। यानी अब केवल शहर या प्रदेश नहीं देश का हर बाजार उनकी पहुंच में होगा।
प्रतिस्पर्धा के बीच अच्छी कीमत
अंतर प्रांतीय कारोबार को छूट की सुविधा दिए जाने से प्रदेश के किसानों को देश के किसी भी राज्य में अपनी उपज का विक्रय करने की सुविधा मिलेगी। जाहिर है इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। जैसा कि बाजार का नियम है कि प्रतिस्पर्धा के बीच कीमतों में तेजी आनी है, ऐसा इस क्षेत्र में भी होगा जिसका सीधा फायदा किसानों को होगा। यह प्रतिस्पर्धा अभी भी कृषि उपज मंडी में है लेकिन खरीददार सीमित है जबकि अध्यादेश के बाद किसानों को खरीदारी का एक बड़ा वर्ग मिलने जा रहा है। जिसका फायदा अच्छी कीमत के रूप में उन तक पहुंचेगा।
” राष्ट्रीय कृषि बाजार की अवधारणा और केंद्र सरकार के अध्यादेश का हम स्वागत करते हैं। निश्चित रूप से यह अध्यादेश किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा क्योंकि प्रतिस्पर्धा के बीच जिस तरह भाव बढ़ेंगे उसका लाभ किसानों को ही होगा ” – कमलेश कुकरेजा, संरक्षक, पोहा मिल एसोसिएशन भाटापारा।
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