मासूम बच्चों को लिए काल बना मकर सक्रांति का दिन, चाइनीज मांझे से कटी गर्दन, और फिर…

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दिल्ली। मकर सक्रांति के दिन चाइनीज मांझा दो मासूम बच्चों के लिए काल बनकर आया. दोनों बच्चों की चाइनीज मांझे से गर्दन कटी और उनकी मौत हो गई. एक मामला मध्य प्रदेश के धार का है. तो वहीं, दूसरी घटना गुजरात के महिसागर जिले की है. दोनों मासूमों की उम्र महज सात और चार साल थी. दोनों ही मामलों में बच्चे अपने पिता के साथ बाइक पर सवार थे. तभी यह हादसा हो गया. पहले मामले में धार जिले में बच्चा अपने पिता के साथ बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहा था. तभी रास्ते में चाइनीज मांझे से उसकी गर्दन कट गई. आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, घटना हटवारा चौक की है. 14 जनवरी को लोग मकर सक्रांति को उपलक्ष्य में पतंगबाजी कर रहे थे. रहां रहने वाले विनोद चौहान किसी काम के सिलसिले में घर से निकले. उनके 7 साल के बेटे ने भी साथ चलने की जिद गई. विनोद ने उसे भी बाइक पर बैठाया और घर से निकल पड़े. लेकिन उन्हें नहीं पता था कि रास्ते में उनके लिए क्या होने वाला है.विनोद बाइक चला रहे थे. तभी हटवारा चौक के पास पतंग उड़ाने वाला चाइनीज मांझा लटका हुआ था. विनोद को वो मांझा दिखाई नहीं दिया क्योंकि मांझा काफी बारीक था. बच्चा बाइक में आगे की तरफ बैठा हुआ था. तभी चाइनीज मांझे से उसकी गर्दन कट गई. विनोद ने यह देखते ही तुरंत बाइक रोकी. खून से लथपथ अपने बेटे को निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मामले में शहर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) रवींद्र वास्केल ने कहा कि जिन लोगों के पास चाइनीज डोर या धारदार डोर होगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. धार की सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) रोशनी पाटीदार ने कहा कि प्रशासन ने पिछले दस दिनों में चीनी मांझा के खिलाफ अभियान चलाया है. उन्होंने कहा, ‘यह एक दुखद घटना है. हमने टीमें गठित की हैं और तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है.’दूसरी घटना भी इसी से मिलती जुलती है. यहां रविवार को उत्तरायण के अवसर पर चार का तरुण माच्छी अपने पिता के साथ बाइक पर बैठकर कहीं जा रहा था. तभी बोराड़ी गांव के पास चाइनीज मांझे से उसकी गर्दन कट गई. इस मामले में भी बच्चा बाइक के आगे ही बैठा हुआ था. जैसे ही बच्चे की गर्दन कटी, उसके पिता ने बाइक रोक दी. इससे पहले ही उसे अस्पताल पहुंचाया जाता, बच्चे की मौत हो चुकी थी. एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उत्तरायण के दिन गुजरात में पतंग के धागे से कम से कम 66 लोग घायल हुए हैं. ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज ने बताया कि पतंग की डोर से 27 लोग अहमदाबाद में, वडोदरा में 7, सूरत में 6, राजकोट में 4 और भावनगर में 4 लोग घायल हुए हैं.

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