अब तक सिर्फ 46 प्रतिशत ही हुई बारिश, सारंगपुर क्षेत्र को सूखा घोषित करने की मांग

Rajgarh News सारंगपुर। सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और अब जनप्रतिनिधि और आमजन भी चिंतित नजर आने लगे है। अब तक 46 प्रतिशत बारिश रिकार्ड की गई है जबकि 75 फीसदी सीजन निकल चुका है। हालांकि अब भी मौसम की बेरुखी बरकरार है। ऐसे में खरीफ की खेती करने वाले किसान उदास हैं। कमोबेश समान स्थिति पूरे जिले की भी है। सारंगपुर की तरह ही जिले में भी बारिश नहीं होने से सोयाबीन की खेती की समस्या पैदा हो गई है। क्योंकि अब तेज धूप के कारण पत्तियां पीली पड़ती जा रही हैं। सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक कुंवरजी कोठार ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रविवार को पत्र लिखकर सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र को सूखा घोषित करने की मांग की है। मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि विस क्षेत्र सारंगपुर में पिछले दो माह से अल्प वर्षा के कारण क्षेत्र के किसान काफी चिंतित है। खरीफ की सभी फसल फूल-दाने पर है जो पानी की कमी से सूख रही है और फसलों में रोग लग रहे है और फसल सूखने लगी है। विधायक ने पत्र में कहा कि किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। विस क्षेत्र के साथ-साथ राजगढ जिले में यही हाल है। जिससे सभी किसान परेशान है। वर्तमान में औसत से कम बारिश होने से खरीफ की फसल से किसानों को किसी प्रकार का लाभ नहीं मिलेगा और बरसात कम होने से आने वाली रबी की फसल भी नहीं होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए मांग की है कि विस क्षेत्र सारंगपुर को सूखाग्रस्त घोषित करें।
खेतो में खड़ी फसलों को सकंट, विधायक की चिंता सही
विकासखंड सारंगपुर क्षेत्र के अंतर्गत लगने वाले सभी गांव की फासले सूखे के कारण मुरझा रही उसे देखकर किसानों के चेहरे भी मुरझाने लगे है। खेता में जैसे मानो आग लगी हुई। सोयाबीन के पट्टे मुरझा कर जमीन पर गिर चुके हैं, कहीं सिकुड कर पौधे में चिपक गए। जिसकी हालत देखकर किसान अत्यंत चिंतित और दुखी है। किसानों के चेहरे पर आर्थिक तंगी की रेखाएं स्पष्ट दिखाई देने लगी। कहीं लोग इंद्रदेव को मनाने के लिए देवी देवताओं के यहां हवन पूजन कर रहे हैं तो कहीं गांव से बाहर अपने-अपने खेतों पर जाकर खाना बना रहे हैं।किसानों द्वारा टोटके अपनाया जा रहे हैं फिर भी बारिश के कोई असर दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रहे, जिससे दुखी होकर क्षेत्र के किसानों ने तुरंत शासन प्रशासन से जल्द से जल्द राहत सर्वे के साथ-साथ मुआवजा राशि की मांग की। क्षेत्र के किसान बालू सिंह मेघवाल कूपा ने बताया कि इस प्रकार का सूखा वर्षों के बाद पड़ा है। इसलिए शासन प्रशासन से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द सर्वे कर उचित मुआवजा प्रदान करें और क्षेत्र में छूटे हुए लगभग 42 हल्के बीमा से वंचित किसानों को भी बीमा राशि उपलब्ध कराई जाए।
किसानों को सिंचाई के लिए नहीं मिल रही बिजली
एक तरफ बारिश की खेंच से किसान चिंतित है तो दूसरी तरफ किसान खेतों में सिंचाई करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें विद्युत कंपनी की लापरवाही के कारण खेतों में सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल पा रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें 24 घंटे में मात्र 1 घंटे मुश्किल से बिजली मिल रही है।पड़ाना क्षेत्र के किसान महेश खाती, संतोष कुमार, वसीम अंसारी, लखन खाती, जाकिर बाबू आदि ने बताया कि शासन के नियमानुसार दिन में 6 और रात्रि में 4 घंटे बिजली मिलना चाहिए, लेकिन रात में बिजली नहीं दी जा रही है जबकि दिन में 1 घंटे लाइट आती है। जिससें सूख रही सोयाबीन को बचाने के लिए सिंचाई नहीं हो पा रही है। विधानसभा क्षेत्र में 75 फीसदी बारिश का सीजन निकल चुका है, लेकिन अब तक सिर्फ 46 फीसदी की बारिश हुई है। ऐसे में अब विधायक ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र को सूखा घोषित करने की मांग की है।
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